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MP News: शास्त्रीय संगीत से सराबोर हुआ ग्वालियर, CM मोहन ने 101वें तानसेन समारोह का किया वर्चुअल शुभारंभ

मध्यप्रदेश राजनीति
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MP News: ग्वालियर की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर शास्त्रीय संगीत की दिव्य गूंज से आलोकित हो उठी।

MP News: ग्वालियर की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर शास्त्रीय संगीत (Classical Music) की दिव्य गूंज से आलोकित हो उठी। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित शास्त्रीय संगीत महोत्सव ‘101वें तानसेन संगीत समारोह’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सांस्कृतिक अभ्युदय के नए शिखर छू रहा है और कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक पहचान सशक्त

सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और अद्वितीय पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार कला और संस्कृति को संरक्षित करते हुए उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

तानसेन ने ग्वालियर को दिलाई वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि तानसेन संगीत समारोह प्रदेश का गौरव और अत्यंत प्रतिष्ठित आयोजन है। संगीत सम्राट तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को विश्वभर में अलग पहचान दिलाई है। उन्होंने तानसेन को भारतीय शास्त्रीय संगीत का शिखर पुरुष बताते हुए कहा कि गुरु स्वामी हरिदास जी के सानिध्य में तानसेन ने संगीत की बारीकियों को आत्मसात कर उसे नए आयाम दिए। उनकी संगीत साधना इतनी प्रभावशाली थी कि मुगल सम्राट अकबर ने उन्हें अपने नवरत्नों में स्थान दिया।

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वैदिक काल से हमारी संस्कृति का हिस्सा है शास्त्रीय संगीत

सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि वैदिक काल से ही शास्त्रीय संगीत हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है, जिसका प्रमाण सामवेद है। तानसेन जैसे महान संगीत साधकों ने इस परंपरा को समृद्ध किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर छोड़ी।

सम्मानित कलाकारों को मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

समारोह के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण एवं राजा मानसिंह तोमर सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। वर्ष 2024 के लिए प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले (मुंबई) तथा वर्ष 2025 के लिए सुविख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य को तानसेन अलंकरण से सम्मानित किया गया। वहीं, साधना परमार्थिक संस्थान समिति, मंडलेश्वर को वर्ष 2024 एवं रागायन संगीत समिति, ग्वालियर को वर्ष 2025 का राजा मानसिंह तोमर सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित कलाकारों और संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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पांच दिनों तक सुर-ताल में डूबा रहेगा ग्वालियर

उल्लेखनीय है कि 19 दिसंबर तक ग्वालियर में तानसेन संगीत समारोह आयोजित किया जा रहा है। आगामी 4 दिनों तक ग्वालियर की फिज़ाएं सुर, ताल और राग की वर्षा से सराबोर रहेंगी। यह आयोजन राज्य शासन के संस्कृति विभाग, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी और मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन व नगर निगम के सहयोग से किया जा रहा है।

10 संगीत सभाओं में सजेगा शास्त्रीय संगीत का वैभव

इस वर्ष तानसेन समारोह के अंतर्गत कुल 10 संगीत सभाएं आयोजित की जा रही हैं। पहली सभा सोमवार को तानसेन समाधि परिसर में भव्य मंच पर सजी। इसके बाद प्रतिदिन सुबह एवं सायंकालीन सभाएं आयोजित होंगी। 18 दिसंबर को सुबह 10 बजे से तानसेन समाधि स्थल और मुरैना के बटेश्वर मंदिर परिसर में समानांतर संगीत सभाएं होंगी। समारोह के अंतिम दिन 19 दिसंबर को सुबह सभा तानसेन की जन्मस्थली बेहट में तथा समापन सायंकाल गूजरी महल परिसर में होगा।

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कला प्रेमियों की रही विशेष उपस्थिति

ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक मोहन ठाकुर, विधायक सुरेश राजे, महापौर शोभा सिकरवार, संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।