सरपंचों को 25 लाख रुपए खर्च का अधिकार, ग्राम स्तर पर निवेश और विकास को बढ़ावा
MP News: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने राज्य में पंचायतों को सशक्त और अधिकार संपन्न बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत विकास (Panchayat Development) का संकल्प लेकर आगे बढ़ें और निवेश व निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान तैयार करें। इसकी शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है।
पंचायतों को प्रभावी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि भारतीय व्यवस्था की मूल आत्मा स्थानीय स्वशासन रही है। हमारे यहां शासन गांव से शुरू होकर राष्ट्र की ओर बढ़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और सुशासन के दृष्टिकोण के अनुरूप, राज्य सरकार पंचायतों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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सरपंचों को 25 लाख रुपए खर्च करने का अधिकार
सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्षों के सुझावों को अब अमल में लाया जाएगा। राज्य सरकार ने सरपंचों को पंचायत की गतिविधियों के लिए 25 लाख रुपए तक खर्च करने का अधिकार दिया है। यह केवल शुरुआत है और आगे भी इस दिशा में और पहल की जाएगी।
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निवेश और निवास के लिए मास्टर प्लान
सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि पंचायत विकास का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान बनाना आवश्यक है। राज्य सरकार ने पंचायतों को पीने के पानी का प्रबंध करने का अधिकार दिया है। साथ ही, किसानों को सोलर पंप योजना के माध्यम से लाभ दिलाने का काम किया जा रहा है। इस योजना में तीन हॉर्स पावर से पांच हॉर्स पावर तक के सोलर पंप पर 90 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।
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ग्राम स्तर पर विकास और समन्वय
प्रदेश सरकार ने पंचायतों के माध्यम से ‘बगिया मां’ (Garden Mother) नामक परियोजना भी शुरू की है। इस दिशा में ग्राम स्तर पर सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की 26 नवंबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में विभागीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और जिला-जनपद अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक है। सामुदायिक सहभागिता के बिना ग्राम विकास की परंपरागत व्यवस्था पूरी तरह सफल नहीं हो सकती।
