MP

MP: मध्य प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर लगेगा लगाम, विधानसभा में पारित हुआ विधेयक

मध्यप्रदेश
Spread the love

MP: मोहन यादव सरकार प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती फीस पर लगाएगी लगाम

MP News: मध्य प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने राज्य के प्राइवेट स्कूल (Private School) की मनमानी फीस को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में मोहन यादव सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा विनिययमन संशोधन विधेयक 2024 पारित कर दिया गया है। इस विधेयक के पारित होने से प्रदेश के प्राइवेट स्कूल अपने हिसाब से छात्रों की फीस नहीं बढ़ा पाएंगे। साथ ही सरकार इन स्कूलों की गाइड लाइन को भी बनाएगी। ये खबर उन अभिभावकों के लिए खुश कर देने वाली है, जो प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस से परेशान है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इस विधेयक को विधानसभा में पेश किया है।

ये भी पढ़ेंः MP News: राष्ट्र निर्माण में छात्र शक्ति का अहम योगदान- CM मोहन यादव

Pic Social Media

ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25

सभी स्कूलों पर लागू होंगे नए नियम

आपको बता दें कि विधानसभा में स्कूल शिक्षा विनिययमन संशोधन विधेयक 2024 को पेश करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह एक एतिहासिक विधेयक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के मंशानुसार नई शिक्षा नीति (New Education Policy) का पूरी तरीके से पालन हो रहा है। प्राइवेट स्कूलों की फीस की निगरानी के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बड़ा निर्णय लिया गया है। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) मंशानुसार प्रदेश में सुदृढ़ व्यवस्था चलाने के लिए नए नियम बनाए हैं। नए नियमों के तहत अब प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस नही ले सकेंगे और नई शिक्षा नीति का अच्छे से पालन करना होगा। यह नियम 25 हजार से अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों पर लागू होंगे।

ये भी पढ़ेंः MP News: CM मोहन यादव ने वितरित किए युवाओं को चेक, बोले-युवा ही देश की शक्ति

जानिए स्कूल शिक्षा विनियमन संशोधन विधेयक 2024 की खास बातें

बनाए गए नए नियम के अनुसार प्राइवेट स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले जिला स्तर और विभाग स्तर पर बनाई समितियों से अनुमति लेनी पड़ेगी।
RTE के दायरे वाले स्कूलों में किसी भी छात्र के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकेगा।
छात्रों को बसों की सर्विस देने वाले स्कूलों को पोर्टल में प्रति किलोमीटर के हिसाब से अपनी फीस अपडेट करनी होगी। वहीं जो प्राइवेट स्कूल बसों की सर्विस देते हैं, उन पर भी निगरानी रखी जाएगी।
सभी प्राइवेट स्कूलों को नियम के तहत स्कूल की सारी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। साथ ही उन्हें सरकार की नियमों के दायरे में काम करना होगा।
वहीं फीस के लिए शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। जो आखिर में फीस के मामलों का निराकरण करेंगे।