Maharashtra News: भारत के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में से एक Indian Institute of Management Mumbai में 20 फरवरी को NICE IIM मुंबई क्रॉसवर्ड एवं क्विज़ प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Extra-C के सहयोग से संस्थान परिसर में आयोजित हुआ।
यह पूरा आयोजन संस्थान के निदेशक प्रो. मनोज तिवारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनका उद्देश्य छात्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के प्रति भी उत्साह बढ़ाना है।
शिक्षकों की उपस्थिति से बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम में एसोसिएट डीन प्रो. रऊफ इकबाल और एरिया चेयर प्रो. उत्पल चट्टोपाध्याय भी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी और प्रोत्साहन ने प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ाया।
संस्थान में इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों को कक्षा के बाहर भी सीखने का अवसर देती हैं और उनकी सोचने-समझने की क्षमता को मजबूत बनाती हैं।
क्रॉसवर्ड प्रतियोगिता में कड़ी टक्कर
क्रॉसवर्ड प्रतियोगिता का संचालन श्री रेहान ने किया। इसमें प्रतिभागियों की विश्लेषणात्मक सोच, भाषा कौशल और शब्द भंडार की परीक्षा ली गई।
परिणाम इस प्रकार रहे:
विजेता: प्रगति त्रिपाठी और वृंदा बंसल
उपविजेता: प्रहार्श आहरवाल और अमृता केश
द्वितीय उपविजेता: सृष्टि गर्ग और पारुल समीर बिरेवाल
क्विज़ प्रतियोगिता में ज्ञान की परीक्षा
क्विज़ प्रतियोगिता का संचालन श्री मेघाश्याम शिरोडकर ने किया। इसमें विभिन्न विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे गए। टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
परिणाम इस प्रकार रहे:
विजेता: प्रगति त्रिपाठी और वृंदा बंसल
उपविजेता: रिमझिम चतुर्वेदी और रितिका दातार
द्वितीय उपविजेता: पार्था लेले और प्रयाग अग्रवाल
छात्राओं का शानदार प्रदर्शन
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि महिला प्रतिभागियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। विशेष रूप से प्रगति त्रिपाठी और वृंदा बंसल ने दोनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर डबल जीत दर्ज की। यह उनकी मेहनत और ज्ञान का प्रमाण है।
बौद्धिक विकास की दिशा में कदम
यह आयोजन IIM मुंबई की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ बौद्धिक और रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है। ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, टीमवर्क और आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं।
कुल मिलाकर, NICE IIM मुंबई क्रॉसवर्ड एवं क्विज़ प्रतियोगिता ने संस्थान की समृद्ध परंपरा और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण को और मजबूत किया।
