Jharkhand News: झारखंड को दावोस में बड़ी सौगात: 11,000 करोड़ का ग्रीन स्टील निवेश तय

छत्तीसगढ़ राजनीति
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Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के दौरान राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने टाटा स्टील के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें कंपनी ने 11,000 करोड़ रुपये का “ग्रीन स्टील” निवेश झारखंड में करने का संकल्प दोहराया।

यह निवेश झारखंड को हरित औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर करेगा और राज्य की आर्थिक क्षमता को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाने में मदद करेगा। निवेश के लिए दोनों पक्षों ने आशय पत्र और सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

क्या है यह निवेश और कहाँ होगा खर्च?

टाटा स्टील का यह निवेश “न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी” पर आधारित है। इस योजना के तहत कुल 11,000 करोड़ रुपये का प्रस्थापित निवेश निम्न परियोजनाओं में किया जाएगा:

  • हिरसाना ईज़ी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी में लगभग 7,000 करोड़ रुपये
  • कॉम्बी मिल परियोजना में 1,500 करोड़ रुपये
  • टिनप्लेट विस्तार परियोजना में 2,600 करोड़ रुपये

ये सभी परियोजनाएँ पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील तकनीक का उपयोग करेंगी, जिसमें नीदरलैंड और जर्मनी जैसी देशों की उन्नत तकनीक शामिल है।

स्थानीय रोजगार और औद्योगिक विकास मिलेगा बल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि यह साझेदारी राज्य में स्थानीय रोजगार सृजन, स्वच्छ तकनीक और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी। इससे झारखंड में युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक क्षेत्रों में नई तकनीकों का उपयोग होगा।

यह निवेश झारखंड के खनिज-आधारित औद्योगिक ढांचे को भी मजबूती देगा और राज्य को हरित और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने में मदद करेगा। साथ ही यह राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों का भी समर्थन करेगा।

दावोस में हेमंत सोरेन को सम्मान भी मिला

इस बड़े निवेश उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने “व्हाइट बैज” से सम्मानित किया। इस सम्मान से यह संकेत मिलता है कि झारखंड का विकास विचार और नेतृत्व दोनों के स्तर पर विश्व मंचों पर भी पहचाना जा रहा है।

दावोस की बैठक में झारखंड प्रतिनिधिमंडल ने अन्य वैश्विक कंपनियों और संस्थाओं के साथ भी बातचीत की, जिसमें स्वीडन-भारत साझेदारी और अन्य निवेश के अवसरों पर चर्चा शामिल थी।

क्या बदलाव आएंगे झारखंड में?

इस निवेश से भविष्य में कई सकारात्मक बदलाव संभव हैं:

  • नई तकनीकों का उपयोग और हरित उद्योगों का विस्तार
  • स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि
  • औद्योगिक पैमाने पर नई परियोजनाओं की शुरुआत
  • राज्य नियोजित औद्योगिक नीतियों का वैश्विक मान्यता प्राप्त करना

यह निवेश झारखंड के लिए न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य को “हरित औद्योगिक परिवर्तन” के मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।