Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को ज़मीन पर उतारने के लिए सुकमा जिले में ‘मिशन कनेक्ट’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और आम लोगों के बीच की दूरी को कम करना और सरकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना है। बस्तर संभागायुक्त श्री डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में यह पहल शुरू की गई है।
गाँव-गाँव पहुँचे अधिकारी, मौके पर सुनी समस्याएँ
मिशन कनेक्ट के तहत छिंदगढ़ विकासखंड की करीब 60 पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुँचे। यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएँ समझीं। सुबह से ही अधिकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, आश्रम-छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सक्रिय नजर आए।
सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की मौके पर जाँच की गई। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की स्थिति को परखा गया। ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ और सुझाव सुने, जिससे प्रशासन पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ।
Chhattisgarh News: कलेक्टर और सीईओ ने की समीक्षा बैठक
निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत छिंदगढ़ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ ने सभी पंचायतों से मिली जानकारी का विस्तार से अध्ययन किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और राज्य स्तर के विषयों को संबंधित विभागों तक शीघ्र पहुँचाया जाए।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का लक्ष्य
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि मिशन कनेक्ट का उद्देश्य केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील बनाना इस अभियान की प्राथमिकता है।
ग्रामीणों में बढ़ा भरोसा, सुशासन की मजबूत पहल
मिशन कनेक्ट ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी योजनाएँ अब केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गाँवों में वास्तविक बदलाव लाएँगी। अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी से ग्रामीणों में उत्साह और भरोसा बढ़ा है और सुशासन की दिशा में यह एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
