Jharkhand News: झारखंड विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस (कागज-रहित) तरीके से काम करने की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर में नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) सेवा केंद्र का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य विधान सभा के सभी कार्यों को डिजिटल रूप से संचालित करना है। इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और विधायी प्रक्रियाओं को समय-बद्ध तरीके से पूरा करना आसान होगा।
NeVA से कैसे होगा काम आसान
NeVA (National e-Vidhan Application) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे विधान सभा के संचालन के लिए बनाया गया है। अब विधायकों को कागजी दस्तावेज लेकर घूमने की जरूरत नहीं रहेगी। सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों, कार्यसूची, प्रश्न-उत्तर और प्रस्ताव आदि को टैबलेट या मोबाइल एप में संजोया जा सकेगा। इससे बजट सत्र और अन्य सत्रों में प्रक्रियाएं तेज और व्यवस्थित होंगी।
बजट सत्र से आंशिक रूप से लागू, आगे पूरी तरह लागू होगा
इस नई डिजिटल व्यवस्था को पहले 18 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में आंशिक रूप से लागू किया जाएगा। बाद में मानसून सत्र से इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा, ताकि झारखंड विधानसभा देश की उन विधानसभाओं में शामिल हो सके जो पूरी तरह पेपरलेस कार्य करती हैं। इससे समय की बचत होगी और सदन की कार्यवाही अधिक सहज तरीके से हो सकेगी।
विधायकों को टैबलेट और ट्रेनिंग दी गई
सीएम हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने विधायकों को NeVA ऐप से लैस टैबलेट वितरित किए। इसके साथ ही सभी सदस्यों को डिजिटल सिस्टम का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे एप का उपयोग आराम से कर सकें। अब वे घर बैठे ही अपने सवाल, प्रस्ताव और सूचना सिस्टम पर अपलोड कर सकेंगे, जिससे देर रात तक सदन में जुटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सदन की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और तेजी आएगी
NeVA के ज़रिए सदन की कार्यवाही को डिजिटल रिकॉर्ड में बदलने से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगे। प्रश्न-उत्तर, प्रस्ताव, विधेयक, समितियों के रिपोर्ट और सदन की सूची आसानी से मोबाइल या टैब के ज़रिए उपलब्ध होंगे। इससे विधायी कार्यकुशलता और सदस्यों की भागीदारी भी बेहतर होगी।
