सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश- ‘हम देश के मूलवासी और प्रथम वारिस’
Jharkhand News: देश के मानचित्र पर 15 नवंबर 2000 को एक नए राज्य के रूप में स्थापित झारखंड ने इस वर्ष अपनी रजत जयंती मनाई। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा (Lord Birsa Munda) की 150वीं जयंती और राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस महोत्सव के पहले दिन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) की मौजूदगी में 8799 करोड़ रुपये की 1087 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। खास बात यह रही कि समारोह की शुरुआत हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के साथ हुई, जिसने उत्सव को और भव्य बना दिया।
गौरव और उपलब्धियों से भरा समारोह
समारोह में ’25 वर्षों की उपलब्धियों’ पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन पर एक लघु फिल्म तथा भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गईं। पूरे आयोजन में ऐतिहासिक झलक और भविष्य की दिशा दोनों का मेल नजर आया।

भव्य शुरुआत, प्रदर्शनी और आतिशबाज़ी ने बढ़ाई शोभा
मोरहाबादी मैदान में समारोह की शुरुआत शिबू सोरेन के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई, जिसे राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से खोला। इसके बाद सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन का मुख्य मंच पर भव्य स्वागत किया गया। उनके आगमन पर फूलों की वर्षा और आतिशबाज़ी ने माहौल को उमंग से भर दिया।
8799 करोड़ की 1087 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने संयुक्त रूप से 8799 करोड़ रुपये की 1087 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 4475 करोड़ की 209 योजनाओं का शिलान्यास तथा 4324 करोड़ की 878 योजनाओं का उद्घाटन शामिल रहा। महत्वपूर्ण परियोजनाओं में कोर कैपिटल एरिया में विधानसभा सदस्यों के आवासीय परिसर, देवघर और लोहरदगा के नए समाहरणालय भवन, गिरिडीह नगर पालिका भवन, सिमडेगा में अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेटर्फ हॉकी स्टेडियम और खूंटी के तोरपा में 5000 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निर्माण शामिल है।

राज्यपाल ने किया आत्मगौरव और आत्मसंकल्प का आह्वान
झारखंड स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि झारखंड के 25 वर्ष पूरे होना राज्यवासियों के लिए आत्मगौरव, आत्मचिंतन और आत्मसंकल्प का अवसर है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और अन्य सभी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्षों ने झारखंड की गौरवगाथा को और समृद्ध बनाया है।
राज्यपाल ने झारखंड के गठन में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका को भी याद किया और कहा कि उनकी दूरदृष्टि के कारण ही यह राज्य संभव हुआ। उन्होंने झारखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक और खनिज संपदा को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए पर्यटन और रोजगार बढ़ाने हेतु योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री बोले- हम देश के मूलवासी और प्रथम वारिस हैं
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने झारखंड की जनता को राज्य के 25 वर्ष पूरे होने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब राज्य अगले 25 वर्षों के लिए एक नया रोडमैप तैयार कर रहा है, जिससे गरीबी और पलायन जैसी समस्याओं को खत्म कर झारखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जा सके।
उन्होंने नारी सशक्तिकरण की दिशा में चलाई जा रही योजनाओं को झारखंड के भविष्य की दिशा तय करने वाली बताई और कहा कि इनका प्रभाव देश के अन्य राज्यों में भी देखा जा रहा है। अपनी आदिवासी अस्मिता और संस्कृति पर गर्व जताते हुए उन्होंने कहा, ‘हम केवल आदिवासी ही नहीं, बल्कि इस देश के मूलवासी और प्रथम वारिस हैं।’ मुख्यमंत्री ने अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज उनका संघर्ष फल दे रहा है हर झारखंडी आज गर्व से सिर उठा सकता है।

सरकार की उपलब्धियां और आगे का विज़न
कार्यक्रम के अंत में राज्य के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव तथा प्रभारी के. राजू ने भी संबोधन करते हुए सरकार के कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। समग्र रूप से झारखंड स्थापना दिवस का यह रजत जयंती समारोह न केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि भविष्य के झारखंड के लिए आत्मविश्वास और संकल्प का संदेश भी लेकर आया।
