मुख्यमंत्री ने मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं का किया निरीक्षण
Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) दुमका जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने रानेश्वर प्रखंड के मुरगुनी में सिद्धेश्वरी नदी पर निर्माणाधीन मसलिया-रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना (Masalia-Raneshwar Mega Lift Irrigation Project) की प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।

एक-दो महीने में तैयार होगा नया बैराज
निरीक्षण के दौरान सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा कि मसानजोर डैम क्षेत्र में बन रहा नया बैराज लगभग पूर्णता की ओर है और एक-दो महीने में तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बैराज बनने से मसलिया और नाला क्षेत्र के किसानों को बहुफसलीय खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, जो ग्रामीण कृषि व्यवस्था के लिए बेहद सुखद और ऐतिहासिक बदलाव साबित होगा।
‘पेयजल की सभी योजनाएं हमारी परिकल्पना का परिणाम’
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि मसानजोर डैम के आसपास चल रही सभी पेयजल योजनाओं की नींव उनकी ही सरकार ने रखी थी। आज इन योजनाओं की वजह से स्थानीय लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार सिंचाई और कृषि विकास के लिए नए रास्ते तैयार कर रही है।

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परियोजना को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा कि मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि सिंचाई के अलावा अतिरिक्त नदी जल को तालाबों और जलाशयों में मोड़कर जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ाने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन की भी संभावनाएं बनेंगी।
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80 प्रतिशत काम पूरा, तेज गति से आगे बढ़ रहा निर्माण
परियोजना को पूरा कर रही एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों ने सीएम को जानकारी दी कि लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बैराज लगभग बनकर तैयार है और 15 गेटों में से 90 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूरा हो चुका है। तीन पंप हाउस में से एक पूरी तरह तैयार है, जबकि बाकी दो पर तेजी से काम चल रहा है।
पांच डिलीवरी चेंबरों में से तीन पूरे हो चुके हैं और बाकी दो जल्द ही तैयार हो जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि अगले वर्ष जनवरी तक 6,400 हेक्टेयर भूमि में भूमिगत पाइपलाइन से सिंचाई सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
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22,283 हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई जल
1313 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह विशाल परियोजना मसलिया प्रखंड के 15 पंचायतों और रानेश्वर प्रखंड के 4 पंचायतों के 226 गांवों की 22,283 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा देगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास सीएम हेमंत सोरेन ने नवंबर 2022 में किया था। सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संथाल परगना के किसानों का सपना अब साकार होने जा रहा है। यह परियोजना न सिर्फ खेती को समृद्ध बनाएगी बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति देगी।
