IIM

IIM: IIM से मैनेजमेंट करने वाले छात्रों के लिए बुरी खबर!

TOP स्टोरी Trending
Spread the love

IIM: IIM से मैनेजमेंट करने वाले इतने प्रतिशत छात्रों को नहीं मिली नौकरी

IIM News: देश के प्रमुख मैनेजमेंट संस्थानों में शुमार आईआईएम (IIM) को लेकर एक समय जो भरोसा था, अब उस पर सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि IIM के हालिया प्लेसमेंट आंकड़े सामने आने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर बहस छिड़ गई है। एक आरटीआई (RTI) के माध्यम से खुलासा हुआ है कि साल 2024 के बैच में से 15 प्रतिशत छात्र बिना प्लेसमेंट के रह गए, जबकि केवल 27 प्रतिशत छात्रों को ही 20 लाख रुपये से अधिक का सालाना पैकेज मिला। पढ़िए पूरी खबर…

IIM से मैनेजमेंट करने का सपना लंबे समय से करोड़ों रुपये के पैकेज (Package) और सुनहरे करियर की गारंटी माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है। प्लेसमेंट से जुड़ी यह जानकारी जाने-माने शिक्षक रवि हांडा ने साझा की, जिनका कहना है कि इतने कठिन एंट्रेंस एग्जाम (CAT) और 20 लाख रुपये से ज्यादा की फीस चुकाने के बाद भी इतने कमजोर रिजल्ट रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) पर सवाल खड़े करता है।

ये भी पढ़ेंः Tatkal Ticket: तत्काल टिकट बुक कराने वालों के लिए बड़ी और जरूरी खबर

IIM की ब्रांड वैल्यू पर सवाल

आईआईएम त्रिची (IIM Trichy) के प्लेसमेंट डेटा को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूजर्स ने IIM की तेजी से बढ़ती संख्या को इसके ब्रांड के कमजोर होने की वजह बताया। एक यूजर ने लिखा, ‘हर राज्य में IIM खोलने से उसका महत्व ही खत्म हो गया।’ वहीं कुछ यूजर्स ने यह भी आरोप लगाए कि संस्थान छात्रों से ‘ऑप्ट-आउट फॉर्म’ पर साइन कराते हैं जिससे 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का दावा बना रहे।

Pic Social Media

कंपनियों का रुख क्यों बदला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टॉप टेक (Top Tech) और प्रॉडक्ट कंपनियां अब MBA ग्रेजुएट्स को प्राथमिकता नहीं देतीं। ये कंपनियां सीधे IIT या BITS जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों से इंटर्नशिप के जरिए टैलेंट हायर कर लेती हैं। एक यूजर ने टिप्पणी की, ‘अब Tier-1 कंपनियों को MBA की जरूरत नहीं लगती, उन्हें सीधे युवा इंजीनियर्स ही बेहतर लगते हैं।’

ये भी पढ़ेंः Chrome: गूगल क्रोम यूज़र्स के लिए सरकार सरकार ने बड़ी चेतावनी जारी की

एक अन्य यूजर ने कहा, ‘बच्चे टैलेंटेड हैं, लेकिन अब न मार्केट में उतने मौके हैं, न कंपनियों में पहले जैसी उदारता।’

लेकिन इस पूरे विवाद के बीच कुछ लोगों ने यह भी कहा कि 27 प्रतिशत छात्रों को 20 लाख से अधिक का पैकेज मिलना एक नए IIM के लिए अब भी उम्मीद की किरण है। फिर भी, 59 छात्रों का प्लेसमेंट न होना और पारदर्शिता पर उठते सवाल संस्थान की साख के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।