Air India: 12 जून दोपहर 1:38 की फ्लाइट AI171(बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन) ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरी, 242 यात्रियों जिसमें पायलट और क्रू मेंबर के 12 सदस्य शामिल थे, उनके लिए आखिरी उड़ान साबित हुआ। लेकिन 242 यात्रियों में एक यात्री ऐसा भी था जो अकेला जिंदा बच गया। इसी फ्लाइट में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी भी यात्रा कर रहे थे। कोई अपने अपनों से मिलने जा रहा था तो कोई अपने परिवार के साथ नई जिंदगी शुरु करने। लेकिन चंद मिनटों में सब तबाह।
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देखते ही देखते ये खबर पूरी दुनिया में आग की तरह फैल गई। रोते-बिलखते परिजन हॉस्पिटल पहुंचने लगे। अपनों को तलाशने लगे लेकिन शवों के बीच अपनों को तलाशना भी नामुमकिन हो रहा था।
भाई के साथ कर रहे थे सफर, अब अकेले बचे
40 वर्षीय विश्वास कुमार रमेश, यूके के निवासी हैं। वे भारत में अपने परिवार से मिलने आए थे और अपने भाई अजय कुमार रमेश (45) के साथ वापस लौट रहे थे। हादसे के वक्त विश्वास सीट 11A पर बैठे थे, जबकि उनके भाई किसी और पंक्ति में थे। हादसे के बाद उनका भाई भी अन्य यात्रियों के साथ मारे गए।

इस फ्लाइट में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी थे जिनका निधन हो चुका है. बताया जा रहा है कि रूपाणी अपनी पत्नी और बेटी से मिलने के लिए लंदन जा रहे थे। विमान के अंदर बैठी महिला ने रूपाणी की एक फोटो भी शेयर की थी लेकिन ये फोटो 12 जून की नहीं बल्कि अहमदाबाद-लंदन की 12 अक्टूबर 2021 की फ्लाइट थी।

आकाश वत्स, एयर इंडिया के क्रैश जहाज़ में सीट 25A पर दिल्ली से अहमदाबाद का सफ़र पूरा कर उतर गए थे..(ऊपर तस्वीर में लेफ्ट)
इन का बयान वायरल है..इन के बयान के मुताबिक़
~ फ्लाइट में काफ़ी कुछ ‘अजीब’ था
~ Ac काम नहीं कर रहे थे
~ पैसेंजर अख़बारों से हवा कर रहे थे
~ Tv स्क्रीन, रिमोट काम नहीं कर रहे थे
इन का कहना है कि जहाज़ों में उन की दिलचस्पी है..इसी लिए उन्होंने टेक्निकल बातें भी नोटिस की थी आकाश वत्स काफ़ी समझदार हैं..इसी लिए एयर इंडिया को टैग कर ट्वीट किया है कि फ्लाइट में क्या दिक़्क़तें थी यह जानने के लिए मुझ से कंटैक्ट कीजिए

यात्रियों में एक महिला सौभाग्यशाली रही कि अहमदाबाद के व्यस्त ट्रैफिक ने उन्हें बचा लिया। ट्रैफिक में फंसने के कारण वह 10 मिनट की देरी से सरदार बल्लभभाई एयरपोर्ट पहुंची थीं। इसके बाद उन्हें अहमदाबद लंदन की फ्लाइट में बोर्डिंग की इजाजत नहीं मिली। मीडिया से बातचीत में भूमि चौहान ने बताया कि फ्लाइट के टेकऑफ के लिए 1:10 बजे का समय शेड्यूल था। भूमि चौहान ने बताया कि इस हादसे की सूचना के मिलने के बाद वह बुरी तरह से कांप गईं। पैर हिलने लगे। काफी देर तक वह सदमें रहीं। चौहान ने बताया कि सिर्फ 10 मिनट लेट होने के कारण उनकी फ्लाइट छूट गई थी। भूमि ने बताया कि जब वह दुखी होकर एयरपोर्ट से एग्जिट गेट पर पहुंची तब उन्हें पता चला कि जिस फ्लाइट को उन्होंने मिस किया है, वह क्रैश हो गया है।

फ़ोटो में दिख रहे राजस्थान के बांसवाड़ा के इस परिवार के सभी लोगो का विमान हादसे में मौत हो गई। डॉ. कोनी व्यास पेसिफिक हॉस्पिटल से इस्तीफा देकर अपने पति डॉक्टर प्रदीप जोशी के साथ लंदन में शिफ्ट होने वाली थी। आज पति पत्नी सभी बच्चों के साथ जा रही थी, पूरा परिवार दुखद हादसे का शिकार हो गई। उन्होंने प्लेन में बैठने के बाद सेल्फी लिया था जो अपने रिश्तेदारों को भेजा था.
राजस्थान के बांसवाड़ा के प्रतीक जोशी पिछले 6 साल से लंदन में रह रहे थे। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रतीक का सपना था कि वह अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों के साथ विदेश में एक बेहतर ज़िंदगी बसाएं। उनका परिवार भारत में ही था और प्रतीक उस दिन का इंतजार कर रहे थे जब वे सभी एक साथ होंगे।
लंबे इंतज़ार के बाद वह सपना अब साकार होने ही वाला था। दो दिन पहले ही उनकी पत्नी, डॉ. कोमि व्यास, जो उदयपुर की एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थीं, ने अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया। सामान पैक हो चुका था, अपनों से विदा ली जा चुकी थी, और भविष्य बस कुछ कदम दूर था। आज सुबह, उम्मीदों और उत्साह से भरा यह परिवार एअर इंडिया की फ्लाइट से लंदन के लिए रवाना हुआ। उन्होंने एक सेल्फी ली, रिश्तेदारों को भेजी- यह थी उनके नए जीवन की ओर एकतरफा उड़ान, लेकिन वे मंज़िल तक कभी नहीं पहुंची। विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कोई नहीं बचा।
अहमदाबाद में विमान दुर्घटना से पहले इन दोनों ब्रिटिश नागरिकों ने एयरपोर्ट पर“गुड बाय इंडिया” कहते हुए यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया था।
वाकई पूरी घटना दिल को झकझोर देने वाली है। घटना के बाद पीएम मोदी विमान हादसे में अकेले जिंदा बचे कुमार रमेश से मिलने अस्पताल भी पहुंचे।

एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को टाटा ग्रुप ने 1 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। घायलों का इलाज भी टाटा ग्रुप कराएगा साथ ही B J मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के पुनर्निर्माण में भी मदद करेगा।
