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Gurugram: नोएडा से गुरुग्राम आने-जाने वालों के लिए गुड न्यूज, अब यहां तक दौड़ेगी मेट्रो

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Gurugram: दिल्ली से सटे गुरुग्राम में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव के बीच हरियाणा सरकार ने शहर की अर्बन मोबिलिटी को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हरियाणा कैबिनेट बैठक में गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत और नए विस्तार प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है।

इस फैसले के बाद मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बनने वाले मेट्रो कॉरिडोर के काम में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही यह परियोजना गुरुग्राम मेट्रो, रैपिड मेट्रो और रेलवे स्टेशन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगी।

मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत 5,452 करोड़ से बढ़कर 10,266 करोड़ रुपये हुई

हरियाणा कैबिनेट ने गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना की कुल लागत को 5,452.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी है।

सरकार के अनुसार साल 2019 से 2023 के बीच बढ़ी महंगाई और जीएसटी दरों में हुए बदलाव इसकी मुख्य वजह हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट को स्टैंडअलोन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने, अतिरिक्त रोलिंग स्टॉक की जरूरत, बड़े मेट्रो डिपो के निर्माण, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के एलाइनमेंट में बदलाव और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक नया मेट्रो लूप जोड़ने के कारण लागत में बड़ा इजाफा हुआ है।

अलग-अलग कार्यों के लिए हुआ बजट आवंटन

संशोधित बजट के तहत विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग राशि तय की गई है।

  • 7,098.70 करोड़ रुपये बढ़ी हुई कीमतों और जीएसटी बदलावों के लिए खर्च किए जाएंगे।
  • 947.06 करोड़ रुपये स्वतंत्र कॉरिडोर की आवश्यकताओं पर खर्च होंगे।
  • 454.32 करोड़ रुपये सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक नए मेट्रो लिंक के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।

गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी मेट्रो

इस परियोजना का सबसे अहम हिस्सा सेक्टर-5 स्टेशन से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक बनने वाला नया मेट्रो रूट है।

करीब 1.80 किलोमीटर लंबे इस नए मेट्रो ट्रैक के बन जाने से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे ट्रेन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और वे आसानी से मेट्रो के जरिए रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।

यह कदम शहर में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।

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विश्व बैंक देगा पूरा सॉफ्ट लोन

हरियाणा कैबिनेट ने परियोजना की फंडिंग से जुड़ा भी बड़ा फैसला लिया है। अब इस प्रोजेक्ट के पूरे सॉफ्ट लोन हिस्से की फंडिंग केवल विश्व बैंक करेगा।

पहले योजना के तहत 2,688.57 करोड़ रुपये का लोन लिया जाना था, जिसमें:

  • 1,075.42 करोड़ रुपये विश्व बैंक से
  • 1,613.14 करोड़ रुपये यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) से मिलने थे।

लेकिन यूरोपीय निवेश बैंक की तरफ से लगातार देरी होने के कारण अक्टूबर 2025 में गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड बोर्ड ने फैसला लिया कि परियोजना में देरी से बचने के लिए पूरा लोन अब केवल विश्व बैंक से लिया जाएगा। अब इस प्रस्ताव को हरियाणा कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी है।

सेक्टर-33 में बनेगा आधुनिक मेट्रो डिपो

परियोजना को स्वतंत्र रूप से सुचारू चलाने के लिए रैपिड मेट्रो के साथ इसके एकीकरण की पूरक रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई है।

इसके तहत गुरुग्राम के सेक्टर-33 में सरकारी जमीन पर लगभग 22.86 हेक्टेयर क्षेत्र में अत्याधुनिक मेट्रो डिपो और उससे जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यहां मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव और संचालन से संबंधित व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी।

28.50 किलोमीटर लंबा होगा पूरा मेट्रो कॉरिडोर

मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक बनने वाला पूरा मेट्रो कॉरिडोर 28.50 किलोमीटर लंबा होगा। इस पूरे रूट पर कुल 27 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं।

इस परियोजना का डिजाइन मैसर्स राइट्स (RITES) द्वारा तैयार किया गया है।

नोडल अधिकारी की हुई नियुक्ति

परियोजना को समय पर और बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रशासनिक सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

वे परियोजना से जुड़े लोन, फंडिंग और कार्यान्वयन से संबंधित सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे।

लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा

इस मेट्रो परियोजना के पूरा होने के बाद गुरुग्राम में ट्रैफिक दबाव कम होगा। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और रैपिड मेट्रो के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही साइबर सिटी और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंचना भी आसान और तेज होगा।