Punjab News: पंजाब सरकार ने स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ‘सेफ स्कूल वाहन नीति’ के तहत राज्यव्यापी अभियान को और तेज कर दिया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अप्रैल-मई में 1,842 स्कूल बसों की जांच
वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों (अप्रैल और मई) के दौरान पूरे पंजाब में 1,842 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया।
जांच अभियान के दौरान:
- 1,842 स्कूल बसों की जांच
- 526 बसों के चालान
- 3 बसें नियमों के गंभीर उल्लंघन पर जब्त (इंपाउंड)
की गईं।
सरकार का कहना है कि यह अभियान बच्चों की दैनिक यात्रा को सुरक्षित और नियमों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से चलाया गया।
स्कूल खुलते ही अभियान होगा और सख्त
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि जून की गर्मी की छुट्टियों के बाद जुलाई में स्कूल दोबारा खुलने के साथ सभी जिला प्रशासनों को अभियान और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि:
- सभी स्कूल वाहन तकनीकी रूप से फिट हों।
- वाहनों में निर्धारित सुरक्षा उपकरण मौजूद हों।
- सरकार के सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा हो।
‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पंजाब सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहन संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जिला प्रशासन को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों और अभिभावकों से सहयोग की अपील
डॉ. बलजीत कौर ने स्कूल प्रबंधन, परिवहन संचालकों और अभिभावकों से अपील की कि वे केवल उन्हीं वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करें जो सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हों।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे का अधिकार है कि वह सुरक्षित रूप से स्कूल पहुंचे और सुरक्षित घर लौटे। पंजाब सरकार इसी उद्देश्य के साथ ‘सेफ स्कूल वाहन नीति’ को पूरी सख्ती से लागू कर रही है।
