Greater Noida West

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कब आएगी मेट्रो, सरकार की खुल गई पोल!

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida West: दिल्ली-एनसीआर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में Greater Noida West का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां बड़ी संख्या में आवासीय सोसाइटी और आबादी बढ़ी है। लाखों लोग यहां रह रहे हैं और रोजाना काम के लिए Noida, Delhi और Greater Noida आते-जाते हैं।

लेकिन इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या मेट्रो कनेक्टिविटी का अभाव है। यही वजह है कि अब यह मुद्दा सड़कों से लेकर संसद तक पहुंच गया है। एक ओर निवासी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सांसद ने संसद में यह मुद्दा उठाया है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में क्यों जरूरी है मेट्रो

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पिछले 10-15 वर्षों में तेजी से शहरी विकास हुआ है। यहां हजारों फ्लैट और कई बड़ी हाउसिंग सोसाइटी बन चुकी हैं। अनुमान है कि इस क्षेत्र में लाखों लोग रहते हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बहुत सीमित है।

अधिकांश लोग रोजाना निजी वाहन, कैब या ऑटो से यात्रा करते हैं। इसके कारण:

  • सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम लगता है
  • प्रदूषण बढ़ रहा है
  • रोजाना यात्रा में बहुत समय लगता है

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मेट्रो सुविधा मिल जाए तो इन समस्याओं में काफी कमी आ सकती है।

मेट्रो परियोजना में लगातार हो रही देरी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की चर्चा कई वर्षों से हो रही है। पहले योजना थी कि दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से सेक्टर-71 के रास्ते इस क्षेत्र को जोड़ा जाएगा। बाद में नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार की योजना बनाई गई।

लेकिन कई बार रूट बदलने और मंजूरी में देरी के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। जानकारी के अनुसार इस परियोजना का टेंडर अभी तक जारी नहीं हुआ है, क्योंकि इसे केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

इस वजह से लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

संसद में भी उठा मेट्रो का मुद्दा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो का मुद्दा अब संसद तक पहुंच चुका है। राज्यसभा सांसद Surendra Singh Nagar ने संसद में कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट तेजी से विकसित हो रहा आवासीय क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। इसके बावजूद यहां सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मेट्रो परियोजना को जल्द मंजूरी देकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उनके अनुसार मेट्रो शुरू होने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और क्षेत्र का विकास भी तेज होगा।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी

मेट्रो परियोजना में देरी के कारण स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ रहा है। इसी को लेकर NEFOWA (Noida Extension Flat Owners Welfare Association) ने आंदोलन का ऐलान किया है। संस्था के अनुसार अगर मेट्रो परियोजना पर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो निवासी दिल्ली के Jantar Mantar पर प्रदर्शन करेंगे। नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि हजारों लोग इस आंदोलन में शामिल होकर केंद्र सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करेंगे।

इसके अलावा प्रतीकात्मक विरोध के रूप में सेक्टर-52 के पास मेट्रो के आखिरी पिलर पर रस्सी बांधकर खींचने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे यह संदेश दिया जाएगा कि परियोजना को जानबूझकर रोका जा रहा है।

स्थानीय लोगों की बढ़ती परेशानी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी लंबे समय से मेट्रो की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि:

  • रोजाना घंटों ट्रैफिक जाम झेलना पड़ता है
  • दिल्ली और नोएडा पहुंचने में काफी समय लगता है
  • सार्वजनिक परिवहन की कमी से खर्च भी बढ़ता है

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कम आबादी वाले कई क्षेत्रों में मेट्रो विस्तार को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इतनी बड़ी आबादी वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट की परियोजना अब भी लंबित है।

मेट्रो परियोजना से क्या होगा फायदा

अगर ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना शुरू होती है तो इससे कई फायदे हो सकते हैं:

  1. ट्रैफिक जाम में कमी आएगी
  2. लोगों की यात्रा आसान और तेज होगी
  3. प्रदूषण कम होगा
  4. क्षेत्र का रियल एस्टेट और व्यापार तेजी से बढ़ेगा

इसके अलावा मेट्रो आने से दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो जाएगी।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो की मांग अब एक बड़ा जन मुद्दा बन चुकी है। लाखों लोग वर्षों से इस परियोजना का इंतजार कर रहे हैं।

जहां एक तरफ सांसद संसद में इस मुद्दे को उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय निवासी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस परियोजना को कब मंजूरी देती है और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को मेट्रो सुविधा कब मिलती है।