Election 2026

Election 2026: देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीख़ों का ऐलान, बंगाल में कब डाले जाएँगे वोट

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Election 2026: भारत में एक बार फिर चुनावी माहौल बन गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने साल 2026 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार जिन राज्यों में चुनाव होंगे उनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं। इन चुनावों में करोड़ों मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे और कई राज्यों की राजनीतिक दिशा तय होगी।

इन चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं और चुनावी अभियान शुरू हो गया है।

किन राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार इस बार पांच क्षेत्रों में चुनाव होंगे:

  • पश्चिम बंगाल
  • तमिलनाडु
  • केरल
  • असम
  • पुडुचेरी

इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, इसलिए नई सरकार चुनने के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं। इन चुनावों में करोड़ों मतदाता मतदान करेंगे और पूरे देश की राजनीतिक नजर इन राज्यों पर रहेगी।

कब होगी वोटिंग

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग राज्यों में अलग तारीखों पर मतदान होगा।

  • असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा।
  • तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाएंगे।
  • पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा — पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को होगा।

सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।

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पश्चिम बंगाल चुनाव क्यों हैं सबसे अहम

इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर हो रही है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और इन सभी सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा। पिछले चुनाव 2021 में हुए थे, जिसमें तृणमूल कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की थी और सरकार बनाई थी। वर्तमान में राज्य में मुख्यमंत्री के रूप में ममता बनर्जी की सरकार है। 2026 के चुनाव को बंगाल की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई राजनीतिक दल इस बार सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं।

कितने मतदाता करेंगे मतदान

चुनाव आयोग के अनुसार इन चुनावों में लगभग 17 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान करेंगे। मतदान के लिए देशभर में लाखों मतदान केंद्र बनाए जाएंगे ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके। इसके अलावा चुनाव आयोग ने युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं से भी अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

आचार संहिता लागू

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी चुनावी राज्यों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) लागू हो गई है।इसका मतलब है कि:

  • सरकार नई योजनाओं की घोषणा नहीं कर सकती
  • सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता
  • सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग के नियमों का पालन करना होगा

इससे चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जा सकेंगे।

चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल

तारीखों के ऐलान के बाद अब सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बड़े नेता लगातार चुनावी रैलियां कर रहे हैं और जनता को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। इन राज्यों में सत्ता के लिए कई दल आमने-सामने होंगे। कुल मिलाकर, 2026 के विधानसभा चुनाव देश की राजनीति के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। पांच राज्यों में होने वाले ये चुनाव न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले महीनों में चुनावी मुकाबला कितना रोमांचक होता है और किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बनती है। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि उनका एक वोट ही राज्य की सरकार तय करेगा।