Greater Noida west

Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा वेस्ट वालों के लिए ख़ुशख़बरी, पहला बस डिपो और 12 ईवी चार्जिंग स्टेशन

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को जल्द ही बेहतर और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर के पहले इलेक्ट्रिक बस डिपो के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। यह डिपो औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-12 में विकसित किया जाएगा, जहां करीब 100 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग और चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही शहर में 12 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे ई-बस सेवा को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

शहर में पहली बार बनेगा समर्पित ई-बस डिपो

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का नियोजन विभाग ईकोटेक-12 में उपयुक्त भूमि की तलाश कर रहा है। प्रस्तावित डिपो को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और रखरखाव सुचारू रूप से किया जा सके। वर्तमान में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से 50 बसें नोएडा में, जबकि 25-25 बसें ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी क्षेत्र में संचालित की जा रही हैं।

नया डिपो बनने से ई-बसों के संचालन में आने वाली तकनीकी और लॉजिस्टिक चुनौतियां काफी हद तक कम हो जाएंगी।

चार्जिंग की समस्या से मिलेगी राहत

फिलहाल ग्रेटर नोएडा में संचालित ई-बसों को चार्जिंग के लिए गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित चार्जिंग स्टेशन पर निर्भर रहना पड़ता है। बसों को रोजाना चार्ज होकर ग्रेटर नोएडा आना पड़ता है, जिससे संचालन लागत और समय दोनों प्रभावित होते हैं।

ईकोटेक-12 में बनने वाला नया डिपो इस समस्या का स्थायी समाधान साबित होगा। स्थानीय स्तर पर चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने से बसों की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।

शहर में बनेंगे 12 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन

ई-बस सेवा को विस्तार देने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अगले 10 से 15 दिनों के भीतर 12 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने जा रहा है। योजना के अनुसार कासना बस डिपो में पांच चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा सिटी पार्क के पास दो नए स्टेशन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पांच अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

वर्तमान में शहर में सिटी पार्क, एक्सपो मार्ट नॉलेज पार्क और तिलपता में चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं। नए स्टेशन बनने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बसों के संचालन को और अधिक गति मिलेगी।

यात्रियों की जरूरत के अनुसार बदले जाएंगे बस रूट

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि अभी ग्रेटर नोएडा से चलने वाली अधिकांश ई-बसें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक संचालित की जा रही हैं। हालांकि शुरुआती दिनों के आंकड़ों में एयरपोर्ट रूट पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई।

इसी को देखते हुए अब यात्रियों की जरूरत और मांग के अनुसार नए रूट निर्धारित किए जाएंगे। प्रस्तावित रूटों में मोहन नगर, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कनावनी, दादरी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के घनी आबादी वाले सेक्टरों को जोड़ने की योजना शामिल है। प्राधिकरण जल्द ही नई समय-सारणी और संशोधित रूट जारी कर सकता है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर सार्वजनिक परिवहन

इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण कम करने में मदद करती हैं और शहर को हरित एवं स्वच्छ बनाने में योगदान देती हैं।

सरकार और प्राधिकरण का लक्ष्य आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना है। ई-बस डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास इसी दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के अनुसार ई-बस सेवाएं सुबह 4:30 बजे से शुरू हो जाती हैं और 15 से 30 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहती हैं। नए डिपो, अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशनों और नए रूटों के लागू होने के बाद यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, तेज और भरोसेमंद परिवहन सेवा मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी विकास को देखते हुए यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को नई दिशा देने का काम करेगी।