Greater Noida

Greater Noida: लखनऊ अग्निकांड के बाद ग्रेटर नोएडा में बड़ी कार्रवाई, 2 कोचिंग सेंटर पर ताला लगा

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR
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Greater Noida: लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त जांच अभियान शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्रेटर नोएडा और नोएडा के कई कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया। साथ ही एक संस्थान के तीन क्लासरूम पर भी ताला लगा दिया गया।

फायर सेफ्टी जांच के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान

लखनऊ हादसे के बाद जिलेभर में कोचिंग सेंटरों की फायर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी कई कोचिंग सेंटरों की हुई थी जांच

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले नोएडा में एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान दो संस्थानों में फायर सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया।

ग्रेटर नोएडा में सामने आईं गंभीर खामियां

शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के कमर्शियल बेल्ट में संचालित कई कोचिंग सेंटरों की संयुक्त टीम ने जांच की। निरीक्षण के दौरान एक कोचिंग सेंटर में फायर एग्जिट नहीं मिला, जिसके चलते वहां संचालित तीन क्लासरूम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी का मार्ग नहीं होना छात्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

दूसरा कोचिंग सेंटर भी हुआ सील

जांच के दौरान एक अन्य कोचिंग संस्थान में भी निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया। नियमों के विपरीत संचालन होने के कारण उसे भी सील कर दिया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फायर सुरक्षा नियमों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

दमकल विभाग ने दी चेतावनी

जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस आयुक्त Laxmi Singh के निर्देश पर जिलेभर में फायर सेफ्टी जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सभी कोचिंग सेंटरों की चरणबद्ध तरीके से जांच होगी और जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

दमकल अधिकारी ने बताया कि जिस कोचिंग सेंटर के क्लासरूम सील किए गए, वहां अग्निशमन उपकरण तो उपलब्ध थे, लेकिन भवन में फायर एग्जिट का कोई प्रावधान नहीं था।

उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसी कारण संबंधित क्लासरूम को सील किया गया।

नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सभी शिक्षण संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने साफ किया कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अभियान आगे भी जारी रहेगा।