Uttarakhand news: गोपेश्वर, 15 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने यह बातें चमोली जिले के गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में कहीं।
13 जनकल्याण शिविरों में हजारों लोगों को मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत चमोली जिले में अब तक 13 जनकल्याण शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों में 752 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 683 का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि 2,500 से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।
उन्होंने कहा कि अभियान के पहले चरण में पूरे प्रदेश में 6 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की और 60 हजार से अधिक समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया।
सीमांत क्षेत्रों के विकास पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमांत गांवों को “प्रथम गांव” के रूप में विकसित करने के विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” बनाने का संकल्प तेजी से धरातल पर उतर रहा है।
निवेश, पर्यटन और रोजगार में मिली नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में अब तक 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि जी-20 बैठकों की मेजबानी, राष्ट्रीय खेलों का आयोजन और शीतकालीन यात्रा जैसी पहलों से पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नई गति मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आ रही है और युवा गांव लौटकर स्वरोजगार को अपना रहे हैं।
यूसीसी और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर देश में ऐतिहासिक पहल की है। इसके अलावा धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
चमोली में विकास परियोजनाओं को मिली रफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि चमोली जिले में पिछले पांच वर्षों के दौरान हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर कार्य हुआ है। कार्यक्रम के दौरान 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
महिला सशक्तिकरण और किसानों को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि चमोली जिले में 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि 25 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि 48 हजार से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत 196 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। वहीं, दीनदयाल होमस्टे योजना के तहत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
बद्रीनाथ मंदिर चोरी मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
जनभागीदारी से विकास को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने लोगों से सेवा पखवाड़ा और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक भाग लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
