Noida में यहां बनेगा 2 अंडरपास, इन सेक्टरों को होगा फायदा
Noida News: नोएडा के लोगों के लिए बड़ी और अच्छी खबर सामने आ रही है। आपको बता दें कि नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर प्राधिकरण 2 नए अंडरपास बनाएगा। यह अंडरपास (Underpass) झट्टा (16.900 किमी चैनेज पर) व सुल्तानपुर गांव (6.10 किमी चैनेज पर) के सामने बनाया जाएगा। सैद्धांतिक रूप से मंजूरी मिलने के बाद दोनों अंडरपास (Underpass) की फाइल आईआईटी रुढ़की (IIT Roorkee) के पास भेजी गई थी। वहां से मंजूरी के बाद अब सीईओ ने भी इसे मंजूर कर दिया है।
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नोएडा में बनने वाला दोनों अंडरपास के लिए दो से तीन दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यहां लो कास्ट कंपनी का चयन किया जाएगा। एक महीने में निर्माण कंपनी का चयन हो जाएगा। मार्च में इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो सकता है। निर्माण कार्य 6 महीने में पूरा करना होगा। परियोजना से 30 आवासीय सेक्टर और 15 गांव के लोगों का आवागमन सुगम होगा।
जानिए अंडरपास की लोकेशन और बजट
पहला अंडरपास एक्सप्रेस-वे पर 16.900 किमी चैनेज पर सेक्टर-145, 146 155 और 159 के बीच बनेगा। जिसकी लंबाई 800 मीटर होगी। प्राधिकरण ने इसके निर्माण के लिए 131 करोड़ का बजट रखा था। इस बजट को आईआईटी (IIT) ने संशोधन करते हुए 117 करोड़ का कर दिया गया है। इससे नवविकसित औद्योगिक सेक्टर-151, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 162 और 9 गांव को लाभ मिलेगा।
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वहीं दूसरा अंडरपास सुल्तानपुर (Sultanpur) के पास एक्सप्रेस-वे पर 6.10 किमी चैनेज पर सेक्टर-128, 129, 132 और 108 के बीच बनाया जाएगा। इस अंडरपास की लंबाई 731 मीटर की होगी। प्राधिकरण ने इसका बजट 106 करोड़ बनाया था। जिसके आईआईटी रूड़की ने कम करके 98 करोड़ कर दिया गया है। इस अंडरपास से सेक्टर-104, 105, 106, 107, 108, 110, 80, 81, 82, 83, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, फेस-2, एनएसईजेड एवं 11 गांव को सुविधा मिलेगी।
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डायाफ्राम तकनीक से बनेगा अंडरपास
आपको बता दें कि इस बार बनाए जाने वाले अंडर पास की तकनीक में बदलाव किया गया है। 2020 के बाद एक्सप्रेस वे पर कोंडली, एड्वेंट और सेक्टर-96 अंडरपास बॉक्स पुशिंग तकनीक (Box Pushing Technique) पर बनाए गए थे। इसमें लगातार एक्सप्रेस वे की सड़क धंसने की समस्याएं सामने आई थीं। इसलिए अबकी बार अंडर पास निर्माण के लिए प्राधिकरण डायाफ्राम तकनीक का चयन किया है।
इसमें बिना खुदाई के डायाफ्राम वॉल कास्ट की जाएगी। इसके बाद दो तरफ जमीन के अंदर यह दीवार बनाकर उसके ऊपर अंडर पास की छत ढाल दी जाएगी। नीचे दोनों दीवारों और छत के बीच की मिट्टी खुदाई कर निकाली जाएगी। इसके बाद नीचे की सड़क बनाने का काम शुरू होगा। इसी तरह से दोनों लेन का काम प्राधिकरण करवाएगी। इसके कारण कुछ दिनों तक ट्रैफिक का संचालन प्रभावित रहेगा।
