Doctor Practice: गौतमबुद्ध नगर जिले में अब दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड डॉक्टर प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे।
Doctor Practice: नोएडा के डॉक्टर्स (Doctors) के लिए बड़ी और ज़रूरी खबर है। बता दें कि गौतमबुद्ध नगर जिले में प्रैक्टिस कर रहे ऐसे डॉक्टर जो उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल (Uttar Pradesh Medical Council) में पंजीकृत नहीं हैं, अब यहां काम नहीं कर पाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की प्रैक्टिस (Practice) पर रोक लगा दी है, जो देश के दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड हैं लेकिन यूपी में पंजीकरण नहीं कराया है। विभाग ने इन डॉक्टरों और संबंधित अस्पतालों को लिखित नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर…

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UP मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की ओर से पहले भी कई बार डॉक्टरों और अस्पतालों को निर्देश दिए गए थे कि वे यूपी मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराएं। बावजूद इसके कई डॉक्टरों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। गौतमबुद्ध नगर में कुल 2000 से अधिक डॉक्टर विभिन्न अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों में कार्यरत हैं, जिनमें से 400 से अधिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन यूपी मेडिकल काउंसिल में नहीं है।
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बिना रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंदन सोनी (Dr. Chandan Soni) ने साफ तौर पर कहा है कि जिन डॉक्टरों ने यूपी मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनकी प्रैक्टिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। अगर भविष्य में कोई डॉक्टर बिना रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में 90 नई आशा वर्कर्स की होगी नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 90 नई आशा वर्कर्स की नियुक्ति का फैसला लिया है। सबसे ज्यादा 50 आशा वर्कर्स की नियुक्ति दादरी क्षेत्र में की जाएगी। इसके अलावा बिसरख में 9, दनकौर में 25 और जेवर में 6 आशा वर्कर्स को नियुक्त किया जाएगा।
680 हो जाएगी आशा वर्कर्स की कुल संख्या
वर्तमान में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 590 आशा वर्कर्स कार्यरत हैं। नई नियुक्तियों के बाद यह संख्या बढ़कर 680 हो जाएगी। आशा वर्कर्स स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों, सर्वे और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इनकी संख्या में बढ़ोतरी से विभाग को ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच और सेवाओं को और बेहतर करने में मदद मिलेगी।
