Expressway: दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी देने के लिए DND फ्लाईवे से आगरा/यमुना एक्सप्रेसवे तक करीब 31 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। यह परियोजना नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा समय को काफी कम कर सकती है।
क्या है परियोजना?
प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 31.2 किलोमीटर लंबा होगा और यमुना किनारे (पुश्ता मार्ग) के साथ विकसित किया जाएगा। इसका शुरुआती बिंदु DND फ्लाईवे के पास सेक्टर-94 क्षेत्र होगा, जबकि यह आगे चलकर यमुना एक्सप्रेसवे के निकट घरबरा क्षेत्र से जुड़ेगा।
जेवर एयरपोर्ट तक सफर होगा आसान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद इस क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए यह एलिवेटेड रोड वैकल्पिक और तेज मार्ग के रूप में विकसित की जा रही है, जिससे दिल्ली से एयरपोर्ट तक पहुंचने में कम समय लगेगा।
कई सेक्टरों को मिलेगा सीधा फायदा
यह कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर 95, 125 से 135 तक के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इन इलाकों में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, शैक्षणिक संस्थान, कॉर्पोरेट ऑफिस और आवासीय परियोजनाएं मौजूद हैं।
कम होगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का दबाव
वर्तमान में जेवर एयरपोर्ट और ग्रेटर नोएडा की ओर जाने वाले अधिकांश वाहन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का उपयोग करते हैं। नया एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने के बाद ट्रैफिक का बंटवारा होगा और मौजूदा एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या कम हो सकती है।
तकनीकी सर्वे और DPR पर काम जारी
परियोजना की व्यवहार्यता, पर्यावरणीय प्रभाव और रूट अलाइनमेंट का अध्ययन किया जा रहा है। विशेषज्ञ एजेंसियां तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर रही हैं, जिसके आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाई जाएगी।
रियल एस्टेट को मिलेगा बड़ा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि DND से जेवर एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और एयरपोर्ट क्षेत्र में रियल एस्टेट की मांग और निवेश बढ़ सकता है। इससे नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलेगी।
दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव
जेवर एयरपोर्ट, नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार और प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं मिलकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक हब में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

