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Chhattisgarh News: अमृतकाल में साहित्य उत्सव हमारी सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया गया। उद्घाटन समारोह में राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश मुख्य अतिथि रहे, जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर देशभर से आए साहित्यकार, लेखक, कवि और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने रायपुर को एक बार फिर साहित्यिक मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया।

साहित्य हमारी सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर साहित्य का यह महाकुंभ गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तीन दिवसीय उत्सव में देशभर के 120 से अधिक साहित्यकार भाग ले रहे हैं और 42 सत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर चर्चा होगी

साहित्य राष्ट्र निर्माण की नींव: उप सभापति श्री हरिवंश

उप सभापति श्री हरिवंश ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी साहित्य की प्राचीन और समृद्ध परंपरा की सराहना की।

उन्होंने कहा कि एक लेखक और एक किताब भी समाज और दुनिया को बदलने की ताकत रखते हैं। साहित्य उम्मीद, साहस और सामाजिक चेतना को जागृत करता है।

पुस्तकों का विमोचन बना खास आकर्षण

उद्घाटन समारोह के दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, साहित्यकारों पर कॉफी टेबल बुक और विभिन्न लेखकों की चर्चित कृतियां शामिल रहीं।

यह विमोचन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा और उसकी उपलब्धियों को दर्शाता है।

स्वतंत्रता संग्राम और साहित्य का गहरा संबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन केवल संघर्ष नहीं था, बल्कि वह साहित्य और विचारों का भी आंदोलन था। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी, माधवराव सप्रे और अन्य साहित्यकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने देश को दिशा दी।

साहित्य ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है और समाज को सोचने की नई दृष्टि दी है।

युवाओं की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में बड़ी संख्या में युवा साहित्य प्रेमियों की भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न सत्रों में साहित्य, लोकतंत्र, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा हुई।

यह उत्सव केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार का मंच बनकर उभरा।

साहित्यिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

तीन दिवसीय यह आयोजन छत्तीसगढ़ में साहित्य के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 ने यह साबित किया कि साहित्य आज भी समाज को जोड़ने और दिशा देने की सबसे बड़ी शक्ति है।