Chhattisgarh News: रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों के दल से मुलाकात की। उन्होंने सभी अतिथियों का राजकीय गमछा भेंट कर स्वागत किया और आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है और सरकार इसे सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पत्रकारों ने भी मुख्यमंत्री के आतिथ्य और सरल स्वभाव की सराहना की।

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा और जनजातीय विकास
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र से ढका हुआ है और यहां बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय निवास करता है। सरकार वनोपज संग्रहण और उसके मूल्य संवर्धन के माध्यम से आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। जशपुर जिले में महिलाएं ‘जशप्योर’ ब्रांड के तहत उत्पाद बनाकर अच्छी आय कमा रही हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही चरण पादुका योजना के तहत श्रमिकों को निःशुल्क चप्पल भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने के लिए वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू की गई थी। हाल ही में छह हजार से अधिक जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत हुआ, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला है। योजना के अंतर्गत नवदंपतियों को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और 15 हजार रुपये की सामग्री दी जाती है। इससे हजारों परिवारों को राहत मिली है।
नक्सल पुनर्वास नीति से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50 हजार रुपये की सहायता और तीन वर्षों तक हर महीने 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 2,500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम’ कैफे इसका सफल उदाहरण है।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही सरकारी योजनाएं
‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत 17 शासकीय योजनाओं को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाया गया है। सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं अब तेजी से गांवों तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
पर्यटन और उद्योग में बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं और अबूझमाड़ जैसे पर्यटन स्थल हैं। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे को उद्योग का दर्जा दिया गया है। नवा रायपुर में 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना से फिल्म उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
“छत्तीसगढ़ ने भारतीय होने का गर्व कराया” – अर्चना प्रधान
सिक्किम की पत्रकार सुश्री अर्चना प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मेक इन इंडिया’ का प्रभाव साफ दिखाई देता है। भिलाई स्टील प्लांट जैसे बड़े उद्योग देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आकर उन्हें भारतीय होने का गर्व महसूस हुआ।
सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़
पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने भिलाई स्टील प्लांट, गेवरा ओपन माइंस, नवा रायपुर और जनजातीय संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों के आत्मीय व्यवहार की सराहना की। सभी पत्रकार अपने साथ यहां की सुंदर यादें लेकर लौटे।
मुख्यमंत्री को भेंट किया गया ‘थांका’
सिक्किम के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ‘थांका’ पेंटिंग भेंट की। यह सिक्किम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और स्नेह का प्रतीक बताया। पत्रकारों ने बताया कि थांका पेंटिंग बौद्ध कला का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे पवित्र स्मृति चिन्ह के रूप में माना जाता है।
