Punjab News:पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: बुजुर्गों की देखभाल नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई, 14567 हेल्पलाइन से मिलेगी मदद

पंजाब
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Punjab News: चंडीगढ़, 18 जुलाई। पंजाब सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि राज्य में ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’ के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से बुजुर्गों को कानूनी संरक्षण और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

बुजुर्गों की देखभाल करना संतान की कानूनी जिम्मेदारी

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि जो माता-पिता या वरिष्ठ नागरिक स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं, उनकी देखभाल करना उनकी संतान और उत्तराधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारी है। अधिनियम के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को सरल और समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से मासिक भरण-पोषण भत्ता प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।

मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल करेगा शिकायतों का त्वरित निपटारा

उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के रूप में कार्य करते हैं। वरिष्ठ नागरिक या उनके अधिकृत प्रतिनिधि अथवा मान्यता प्राप्त स्वयंसेवी संस्थाएं जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी या एसडीएम के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकती हैं। ट्रिब्यूनल शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करता है।

14567 एल्डर लाइन पर मिलेगी मुफ्त सहायता

मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए राज्य में एल्डर लाइन (राष्ट्रीय हेल्पलाइन-14567) संचालित की जा रही है। मानसिक, कानूनी, सामाजिक या शारीरिक समस्याओं का सामना कर रहे बुजुर्ग इस टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं, जहां उनकी शिकायतों पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

संपत्ति अधिकारों की भी होगी सुरक्षा

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी देखभाल की शर्त पर अपनी संपत्ति किसी व्यक्ति के नाम हस्तांतरित करता है और वह व्यक्ति अपने दायित्व का पालन नहीं करता, तो मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल को उस संपत्ति के हस्तांतरण को निरस्त करने का अधिकार है। अधिनियम में वृद्धाश्रमों की स्थापना और भरण-पोषण अधिकारियों की नियुक्ति जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे

राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। साथ ही, समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर बुजुर्गों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान पर सरकार का जोर

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी देखभाल केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बुजुर्गों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाती रहेगी।