Punjab News: चंडीगढ़, 18 जुलाई। पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार-3.0 के अंतर्गत 16 दिनों तक राज्यव्यापी खुफिया आधारित अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और नशा तस्करी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 5,448 स्थानों पर छापेमारी की और 3,949 लोगों को गिरफ्तार किया।
42 गैंगस्टर और 1,201 नशा तस्कर गिरफ्तार
पंजाब पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों में 42 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी, 1,201 नशा तस्कर, 119 भगोड़े अपराधी और 2,587 वांछित आरोपी शामिल हैं। इसके अलावा 1,520 लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई भी की गई।
5,448 छापेमारी और 958 एफआईआर दर्ज
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार-3.0 के दौरान राज्यभर में 5,448 छापेमारी, 958 एफआईआर दर्ज, 262 वाहन जब्त और 10,401 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। अभियान का उद्देश्य गैंगस्टर-ड्रग गठजोड़ को तोड़ना, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और संगठित अपराध के नेटवर्क को कमजोर करना था।
हेरोइन, गांजा, हथियार और ड्रग मनी बरामद
विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीण सिन्हा ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस ने 10.47 किलोग्राम हेरोइन, 1.50 किलोग्राम अफीम, 30 किलोग्राम गांजा, 259 किलोग्राम भुक्की, 21,746 नशीली गोलियां एवं कैप्सूल, 646.25 लीटर लाहन, 1,243.5 लीटर अवैध शराब, 12 हथियार तथा 4.03 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की। इसके अलावा चोरी के वाहन, मोबाइल फोन और अन्य आपराधिक सामग्री भी जब्त की गई।
कई आपराधिक मॉड्यूल का हुआ भंडाफोड़
पुलिस के मुताबिक अभियान के दौरान रंगदारी, वाहन चोरी, अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन, फार्मास्यूटिकल दवाओं की अवैध बिक्री और नकली शराब तस्करी से जुड़े कई आपराधिक मॉड्यूल का भी पर्दाफाश किया गया।
डीजीपी बोले- गैंगस्टर मुक्त होने तक जारी रहेगा अभियान
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक सतत अभियान है और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक पंजाब को पूरी तरह गैंगस्टर मुक्त नहीं बना दिया जाता। उन्होंने कहा कि खुफिया आधारित पुलिसिंग और विभिन्न इकाइयों के समन्वय से संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हेल्पलाइन पर गोपनीय सूचना देने की अपील
पंजाब पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर गैंगस्टरों, वांछित अपराधियों और संगठित आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा करें। पुलिस ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
