Chhattisgarh News: रायपुर, 1 जुलाई 2026: कभी माओवादी हिंसा के कारण वीरान पड़े स्कूलों में अब फिर से बच्चों की चहल-पहल लौट आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास और सुशासन की नई पहल के तहत बीजापुर जिले के पीडिया क्षेत्र में 21 वर्षों बाद बंद पड़े 11 स्कूलों का दोबारा संचालन शुरू किया गया है। इस पहल से 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। यह बदलाव केवल स्कूलों के पुनः खुलने तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर में विश्वास, शांति और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बनकर उभरा है।
प्रवेशोत्सव के साथ बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत
पीडिया में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ की। कार्यक्रम में शिक्षादूतों को रजिस्टर और शिक्षण सामग्री प्रदान की गई, जबकि नवप्रवेशी बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और स्लेट वितरित किए गए।
बच्चों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और अभिभावक भी मौजूद रहे।
11 गांवों में फिर लौटी शिक्षा की रौनक
माओवादी हिंसा के कारण वर्षों पहले बंद हुए पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों के स्कूल अब दोबारा संचालित होने लगे हैं।
इससे अब बच्चों को शिक्षा के लिए दूर-दराज़ के इलाकों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें अपने गांव में ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
इस साल अब तक 37 बंद स्कूल फिर से खुले
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने बताया कि जिला प्रशासन के विशेष अभियान के तहत वर्ष 2026 में अब तक 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय, यानी कुल 37 बंद स्कूलों को दोबारा शुरू किया जा चुका है।
इन स्कूलों में भवनों के सुधार के साथ-साथ पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।
हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन क्षेत्रों में अब शांति और सामान्य स्थिति स्थापित हो चुकी है, वहां चरणबद्ध तरीके से बंद स्कूलों को दोबारा खोला जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
बदलते बस्तर की नई पहचान
पीडिया में 21 वर्षों बाद स्कूलों का दोबारा खुलना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की नई तस्वीर है। जिन गांवों में कभी भय और सन्नाटा था, वहां आज बच्चों की मुस्कान, स्कूलों की घंटियां और शिक्षा का उजाला लौट आया है।
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर अब शिक्षा, विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
