UP News: लखनऊ, 1 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश को सड़क अवसंरचना और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने कानपुर-कबरई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 7,145 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे “विकसित उत्तर प्रदेश” के संकल्प को नई शक्ति देने वाला निर्णय बताया।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और कानपुर रिंग रोड को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का यह अहम हिस्सा पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके बनने से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और कानपुर रिंग रोड के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा, जिससे क्षेत्र में निवेश, उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी।
साढ़े तीन घंटे का सफर घटकर होगा सिर्फ डेढ़ घंटे
राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के अंतर्गत बनने वाला 117.7 किलोमीटर लंबा चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके निर्माण के बाद कानपुर से कबरई तक का सफर, जो वर्तमान में लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरा होता है, घटकर करीब डेढ़ घंटे का रह जाएगा।
बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश को मिलेगा सीधा लाभ
यह हाईवे कानपुर, कबरई, सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख क्षेत्रों के बीच तेज और सुगम संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों का जुड़ाव मध्य प्रदेश के कृषि, खनिज और विनिर्माण क्षेत्रों से और मजबूत होगा, जिससे माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
निर्माण से पैदा होंगे करोड़ों मानव-दिवस रोजगार
सरकार के अनुसार इस परियोजना के निर्माण के दौरान लगभग 1.2 करोड़ मानव-दिवस के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में कनेक्टिविटी, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
