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Noida: नोएडा से गुरुग्राम नमो भारत ट्रेन का प्लान, ये रहे स्टेशन और रूट की पूरी डिटेल

नोएडा
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Noida: एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। गुरुग्राम से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाने के लिए नमो भारत ट्रेन और मेट्रो का संयुक्त कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर हरियाणा सरकार को मंजूरी के लिए भेज दी गई है।

परियोजना के पूरा होने के बाद गुरुग्राम और नोएडा के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 40 मिनट रह जाने का अनुमान है।

63 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर

प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई 63 किलोमीटर होगी।

  • 50 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में
  • 13 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में

इस परियोजना पर लगभग 19,390 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

एक ही ट्रैक पर दौड़ेंगी नमो भारत और मेट्रो

इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि एक ही मार्ग पर नमो भारत ट्रेन और मेट्रो दोनों सेवाएं संचालित की जाएंगी।

परियोजना में कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं—

  • 7 स्टेशन नमो भारत ट्रेन के लिए
  • 15 स्टेशन मेट्रो सेवाओं के लिए

नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित स्टेशन

गुरुग्राम

  • सेक्टर-61
  • सेक्टर-58 चौक
  • ग्वाल पहाड़ी

फरीदाबाद

  • सैनिक कॉलोनी
  • बाटा चौक
  • सेक्टर 87-88 चौक

नोएडा और ग्रेटर नोएडा

  • सेक्टर-142
  • सेक्टर-168 चौक
  • सूरजपुर (ग्रेटर नोएडा)

मेट्रो के प्रस्तावित स्टेशन

गुरुग्राम

  • सेक्टर-29
  • मिलेनियम सिटी सेंटर
  • सेक्टर 52/52A
  • वजीराबाद
  • सेक्टर-57

फरीदाबाद

  • NIT-3
  • NIT-1
  • सेक्टर 12-15 क्रॉसिंग
  • सेक्टर-80
  • सेक्टर 81-82 क्रॉसिंग
  • सेक्टर 85-86 क्रॉसिंग
  • बादशाहपुर

नोएडा

  • सेक्टर-135
  • सेक्टर-141

इफको चौक बनेगा प्रमुख इंटरचेंज

परियोजना के तहत गुरुग्राम का इफको चौक एक प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।

यह स्टेशन प्रस्तावित सराय काले खां–बावल नमो भारत कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे रेवाड़ी, धारूहेड़ा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी।

मंजूरी के बाद शुरू होगा अगला चरण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीपीआर पर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA), हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), गुरुग्राम नगर निगम और फरीदाबाद के संबंधित विभागों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।

इसके बाद संशोधित प्रस्ताव को हरियाणा सरकार की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

एनसीआर की कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

यह परियोजना केवल गुरुग्राम और नोएडा के बीच यात्रा को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि पूरे एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करेगी।

इसके पूरा होने के बाद रोजाना लाखों यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्प मिलेगा। साथ ही गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजगार, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।