Delhi Development Authority (डीडीए) ने द्वारका के सेक्टर-19बी स्थित प्रीमियम अपार्टमेंट में कम्युनिटी सर्विस पर्सनल (CSP) हाउसिंग स्कीम के दूसरे चरण के तहत 39 ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स उपलब्ध कराने की घोषणा की है। ये फ्लैट्स सर्विस स्टाफ क्वार्टर के रूप में उपयोग किए जा सकेंगे और इन्हें विशेष पात्रता शर्तों के तहत आवंटित किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना के तहत केवल वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने पहले से इसी प्रीमियम अपार्टमेंट में—
- एचआईजी (HIG),
- सुपर एचआईजी (Super HIG) या
- पेंटहाउस
खरीदा हुआ है।
इसके अलावा, आवेदनकर्ता ने पहले सीएसपी योजना के तहत कोई फ्लैट प्राप्त नहीं किया होना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन और ई-ऑक्शन की तारीखें
डीडीए द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
- रजिस्ट्रेशन शुरू: 15 जुलाई 2026 (सुबह 11 बजे)
- रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 12 अगस्त 2026 (शाम 6 बजे)
- ई-ऑक्शन: 21 अगस्त 2026 (सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक)
इच्छुक पात्र आवेदकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा।
फ्लैट की कीमत कितनी है?
योजना के तहत प्रत्येक ईडब्ल्यूएस फ्लैट का रिजर्व प्राइस 31.28 लाख रुपये तय किया गया है।
सभी 39 फ्लैट एम टावर (M Tower) में स्थित हैं। प्रत्येक सफल आवेदक को केवल एक फ्लैट आवंटित किया जाएगा, हालांकि बोली प्रक्रिया में वह एक से अधिक फ्लैट के लिए आवेदन कर सकता है।
अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा
फ्लैट की कीमत के अलावा आवंटियों को—
- 75,000 रुपये मेंटेनेंस कॉर्पस फंड के रूप में जमा करने होंगे।
- पहले वर्ष के लिए 1.50 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से मासिक मेंटेनेंस शुल्क भी देना होगा।
सर्विस स्टाफ के लिए अलग व्यवस्था
डीडीए ने यह सुविधा विशेष रूप से सर्विस स्टाफ के लिए विकसित की है। इन सर्विस स्टाफ क्वार्टरों के लिए अलग प्रवेश द्वार बनाया गया है। साथ ही इन्हें मुख्य आवासीय परिसर की कुछ साझा सुविधाओं से अलग रखने के लिए रेलिंग भी लगाई गई है।
इस अलग व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चा और सवाल भी उठते रहे हैं। हालांकि डीडीए का उद्देश्य आवासीय परिसर में कार्यरत कम्युनिटी सर्विस स्टाफ के लिए समर्पित आवास उपलब्ध कराना है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य प्रीमियम आवासीय परिसर में कार्यरत घरेलू सहायकों, सुरक्षा कर्मियों, ड्राइवरों और अन्य आवश्यक सेवा कर्मचारियों के लिए परिसर के भीतर ही आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सके और निवासियों को भी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों।
