Bihar के 6 प्रमुख मंदिरों के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना को मंजूरी दी है।
Bihar News: बिहार के 6 प्रमुख मंदिरों के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। अपनी प्रगति यात्रा (Pragati Yatra) के दौरान सीएम नीतीश कुमार CM Nitish Kumar) ने इन मंदिरों के विकास का ऐलान किया था। आज बिहार कैबिनेट (Bihar Cabinet) ने उस पर मुहर लगा दी। बिहार के 6 प्रमुख मंदिरों के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना को मंजूरी दी है।
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आपको बता दें कि इस पहल के तहत सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक सारण जिले के सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर (Baba Hariharnath Temple) का पुनर्विकास है। इसे वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का जिम्मा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पर काम करने वाली एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट कंपनी को सौंपा गया है।
सोनपुर मेला, जिसमें हर साल लाखों पर्यटक आते हैं, मंदिर के पास ही आयोजित होता है। इस पुनर्विकास के बाद यह क्षेत्र विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ साल भर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन जाएगा।
सिंहेश्वर स्थान मंदिर (मधेपुरा) के लिए 90 करोड़ रुपये
मधेपुरा जिले में स्थित सिंहेश्वर स्थान मंदिर के विकास के लिए 90.27 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना में धर्मशाला, फूड कोर्ट, मार्केट कॉम्प्लेक्स, बाउंड्री वॉल, रास्ते, पार्किंग, शौचालय और सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी आधुनिक सुविधाओं का समावेश होगा।
सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर (पूर्वी चंपारण) को 106 करोड़ रुपये
पूर्वी चंपारण के अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में 106 करोड़ रुपये की लागत से बड़े पैमाने पर बदलाव किए जाएंगे। इस परियोजना में बाउंड्री वॉल, प्रवेश द्वार, शौचालय ब्लॉक, पार्किंग, बैंक्वेट हॉल, चेंजिंग रूम और एमेनिटी हॉल का निर्माण किया जाएगा। आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक लाइट और साउंड शो भी आयोजित किया जाएगा।
फतुहा चौक तक नई सड़क का निर्माण
राज्य सरकार ने मंदिर से फतुहा चौक तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए एक नई सड़क का प्रस्ताव रखा है, जिसकी अनुमानित लागत 36 करोड़ रुपये है।
पूर्णिया के पूरन देवी मंदिर को 34 करोड़ रुपये
सीएम की प्रगति यात्रा के तहत पूर्णिया के पूरन देवी मंदिर को 34.08 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, मंदिर में चारदीवारी, फुट-ओवर ब्रिज, बहुमंजिला इमारत, गेस्ट हाउस, कैफेटेरिया और कमल की पंखुड़ी के आकार का गज़ेबो बनाए जाने की योजना है।
फुलहर स्थान (मधुबनी) को 31 करोड़ रुपये
मधुबनी के हरलाखी स्थित फुलहर स्थान, जिसे भगवान राम और देवी सीता का मिलन स्थल माना जाता है, को आधुनिक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। बिहार कैबिनेट ने इसके विकास के लिए 31.55 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
कुशेश्वरस्थान मंदिर (दरभंगा) को 44 करोड़ रुपये
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान मंदिर के विकास के लिए 44 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में नए मंदिर भवन, पंडा निवास, दुकानों, हाई मास्ट लाइट और सौर ऊर्जा प्रणाली का निर्माण किया जाएगा।
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इन परियोजनाओं के जरिए बिहार का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना है, जिससे देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक आकर्षित होंगे। साथ ही, इन ऐतिहासिक मंदिरों के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
राज्य सरकार का यह कदम बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के नीतीश कुमार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
