Bihar News:बिहार खरीद अधिमानता नीति-2024 अब नगर निकायों में भी लागू, स्थानीय उद्योगों और MSME को मिलेगा फायदा

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Bihar News: पटना, 20 जुलाई। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने ‘बिहार खरीद अधिमानता नीति-2024’ को विभाग के अधीन सभी नगर निकायों और संस्थानों में लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार के अनुसार, अब सभी निविदाओं और अधिप्राप्ति प्रक्रियाओं में इस नीति का पालन किया जाएगा, जिससे स्थानीय औद्योगिक इकाइयों और उद्यमों को सरकारी खरीद में निर्धारित प्राथमिकता का लाभ मिल सकेगा।

वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर समान रूप से लागू होगी नीति

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि यह नीति वस्तुओं और सेवाओं दोनों की सरकारी खरीद पर लागू होगी। उन्होंने कहा कि वस्तुओं की खरीद के लिए संबंधित उद्यम का बिहार में पंजीकृत होना और उसकी उत्पादन इकाई का राज्य में स्थापित होना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इससे राज्य में स्थापित उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा।

स्थानीय उद्यमों को मिलेंगी कई रियायतें

सरकार के अनुसार, नीति के तहत स्थानीय उद्यमों को 15 प्रतिशत तक का खरीद अधिमानता अंतर (Purchase Preference Margin) दिया जाएगा। इसके अलावा विशेष श्रेणी के स्थानीय उद्यमों के लिए कई रियायतें भी निर्धारित की गई हैं, जिनमें—

  • निविदा प्रपत्र निःशुल्क उपलब्ध कराना।
  • निविदा प्रतिभूति (Bid Security) से छूट।
  • वार्षिक कारोबार, कंपनी की आयु और अनुभव संबंधी पात्रता शर्तों में सशर्त 50 प्रतिशत तक की छूट
  • स्टार्टअप इकाइयों के लिए मनोनयन अथवा सीमित निविदा के आधार पर खरीद के विशेष प्रावधान।

स्थानीय उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों, उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। उनके अनुसार, सरकारी खरीद में स्थानीय इकाइयों को प्राथमिकता मिलने से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की भागीदारी भी बढ़ेगी।

नगर निकायों को प्रभावी अनुपालन के निर्देश

नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों और अधीनस्थ संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे ‘बिहार खरीद अधिमानता नीति-2024’ के सभी प्रावधानों का अध्ययन कर उनका प्रभावी और पारदर्शी तरीके से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि स्थानीय उद्यमों को नीति के तहत मिलने वाले लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा सकें।