Bihar News: बिहार सरकार ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं से जुड़े भूमि स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में भूमि क्रय-विक्रय और हस्तांतरण से जुड़ी व्यवस्था को मंजूरी दी गई है, जिससे भूमि मालिकों की आकस्मिक जरूरतों के साथ-साथ निवेश और विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
भूमि स्वामियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि लेन-देन पर लगी रोक के कारण कई भूमि स्वामियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में उनकी तात्कालिक और वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला विकास, निवेश और जनहित के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किन्हें मिलेगी जमीन खरीदने की अनुमति?
सरकार के फैसले के अनुसार—
- बिहार राज्य आवास बोर्ड को भूमि खरीदने का अधिकार दिया गया है।
- राज्य और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए संबंधित प्राधिकरण भूमि अधिग्रहण कर सकेंगे।
- राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद (SIPB) से स्वीकृत निवेश परियोजनाओं के लिए निवेशक सीधे जमीन खरीद या लीज पर ले सकेंगे।
इससे निवेश परियोजनाओं और आधारभूत संरचना विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान होगी।
जमीन मालिकों को मिलेगा बेहतर मुआवजा
मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के तहत भूमि स्वामियों को आकर्षक मुआवजा दिया जाएगा।
शहरी क्षेत्र की भूमि के लिए
- बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR), जो अधिक होगा, उसका दो गुना भुगतान किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र की भूमि के लिए
- बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR), जो अधिक होगा, उसका चार गुना भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा निर्धारित राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
बाजार मूल्य तय करेगी जिला स्तरीय समिति
भूमि के उचित मूल्य निर्धारण के लिए जिला स्तरीय रैयती भूमि क्रय समिति का गठन किया गया है। यही समिति जमीन का बाजार मूल्य तय करेगी ताकि भूमि मालिकों को उनकी संपत्ति का न्यायसंगत और पारदर्शी मूल्य मिल सके।
11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को मिलेगा फायदा
सरकार ने 22 अप्रैल 2026 को राज्य में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी दी थी। इनमें शामिल हैं—
- पाटलिपुत्र
- हरिहरनाथपुर
- मगध
- मिथिला
- कोशी
- पूर्णिया
- अंग
- सीतापुरम
- विक्रमशिला
- तिरहुत
- सारण
इन टाउनशिप परियोजनाओं का उद्देश्य नियोजित शहरी विकास और आधुनिक आधारभूत संरचना का निर्माण करना है।
निवेश और शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय बिहार में निवेश के नए अवसर पैदा करेगा। इससे आधुनिक शहरों का विकास, आधारभूत संरचना का विस्तार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
विकास और जनहित का संतुलित मॉडल
सरकार का मानना है कि यह फैसला एक ओर भूमि स्वामियों की आर्थिक जरूरतों का समाधान करेगा, वहीं दूसरी ओर निवेशकों और सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इससे बिहार में नियोजित शहरीकरण, औद्योगिक विकास और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है।
