Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और प्रमंडलीय आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इसके अलावा प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
सरकार ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह का नोडल विभाग बनाया है और निर्णय लिया गया कि अब CMG की बैठक प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।

PNG कनेक्शन की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव की नाराजगी
बैठक में राज्य में पीएनजी (PNG) कनेक्शन और बुनियादी ढांचे की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में व्यावसायिक मांग का लगभग 60 प्रतिशत पूरा किया जा रहा है।
पूरे बिहार में 3,68,783 घरों में PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से:
- 2,30,939 घर कनेक्शन के लिए तैयार हैं
- 31,458 घर चार्जिंग के लिए तैयार हैं
हालांकि, राज्य के 14 जिलों में PNG कार्य की प्रगति शून्य होने पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को विभाग के साथ समन्वय कर तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
LPG और ईंधन की आपूर्ति में सुधार के निर्देश
बैठक में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आ रहे बैकलॉग की भी गहन समीक्षा की गई। कई जिलों में अधिक बैकलॉग पाए जाने पर अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द कम करने के सख्त निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने पुलिस अधीक्षकों को समय-समय पर पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता में कोई बाधा न आए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि:
- ‘दीदी की रसोई’ और सरकारी छात्रावासों में LPG की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि संकट के समय जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सरकार इस पर सख्त नजर रखेगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि:
- जमाखोरी या कालाबाजारी में शामिल पाए जाने पर तुरंत FIR दर्ज की जाए
- सीमावर्ती जिलों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है
- कानून-व्यवस्था की किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए
सरकार ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का संकेत दिया है।

प्रवासी श्रमिकों के लिए जल्द जारी होगा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर
बैठक में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और सहायता को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द ही एक टोल-फ्री नंबर जारी करे।
इस हेल्पलाइन के माध्यम से:
- मध्य पूर्व या अन्य राज्यों से लौट रहे श्रमिकों को सहायता मिलेगी
- सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी
साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में आने वाले प्रवासी मजदूरों का सटीक डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
रोजाना प्रेस वार्ता और फर्जी खबरों पर सख्त कार्रवाई
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन दोपहर 3 बजे प्रेस वार्ता आयोजित करें, ताकि जनता तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंच सके और अफवाहों से बचा जा सके।
उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों का समय पर खंडन करने और नियंत्रण कक्ष का नियमित निरीक्षण करने पर भी जोर दिया।
अधिकारियों को दो दिनों में फील्ड विजिट का निर्देश
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे अगले दो दिनों के भीतर अपने निर्धारित जिलों का स्थलीय निरीक्षण करें।
इस दौरान वे निम्नलिखित बिंदुओं की जांच करेंगे:
- प्रवासी मजदूरों के आगमन की स्थिति
- LPG गैस सिलेंडर का स्टॉक
- बैकलॉग में कमी
- दैनिक प्रेस वार्ता की स्थिति
- नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली
