हर किसान को मिलेंगे 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि
Jharkhand News: सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के नेतृत्व में झारखंड सरकार किसानों (Farmers) के कल्याण और पोषण युक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Minister Shilpi Neha Tirkey) ने रांची में एक कार्यक्रम के दौरान बड़ी घोषणा की कि झारखंड मिलेट मिशन को अब ‘झारखंड मडुआ क्रांति’ के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री की किसान-केंद्रित नीतियों का प्रतिबिंब है, जिससे राज्य में मोटे अनाज की खेती को नई गति मिलेगी।

हर किसान को 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि
हेमंत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मडुआ की खेती करने वाले हर किसान को प्रति एकड़ 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Minister Shilpi Neha Tirkey) ने 32,911 मडुआ उत्पादक किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 15.63 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। मंत्री ने कहा कि आज किसानों के खातों में दूसरी किस्त जमा कर दी गई है, जिससे राज्य में मडुआ की खेती को और अधिक बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। यह मुख्यमंत्री की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जो छोटे-सीमांत किसानों की आर्थिक मजबूती पर केंद्रित है।
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नाम बदलने के पीछे मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Minister Shilpi Neha Tirkey) ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि योजना का नाम ‘झारखंड मडुआ क्रांति’ इसलिए रखा गया है क्योंकि झारखंड के अधिकांश किसान ‘बाजरा’ या ‘मिलेट’ शब्द से परिचित नहीं हैं, बल्कि वे इसे स्थानीय भाषा में ‘मडुआ’ के नाम से जानते और उगाते हैं। यह नाम परिवर्तन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उस संवेदनशील सोच को दर्शाता है जो ग्रामीण और आदिवासी किसानों की भाषा एवं संस्कृति से जुड़ी हुई है, जिससे योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक आसानी से पहुंच सके।

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योजना में तेजी से बढ़ते किसानों की संख्या
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Minister Shilpi Neha Tirkey) ने कहा कि वर्ष 2024-25 में योजना शुरू होने पर केवल 18,000 किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला था, लेकिन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पिछले एक साल में लगभग 14,911 नए किसान इस मिशन से जुड़े हैं। कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग ने धान खरीद की तर्ज पर मडुआ की खरीद के लिए गुमला, सिमडेगा और खूंटी जिलों की पहचान की है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों को उचित मूल्य भी मिलेगा। हेमंत सरकार की यह पहल राज्य में मडुआ की खेती को क्रांतिकारी स्तर पर ले जा रही है।
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मडुआ खाने के स्वास्थ्य लाभ
मडुआ में अन्य अनाजों की तुलना में 5 से 30 गुना अधिक कैल्शियम पाया जाता है। राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार, 100 ग्राम मडुआ में 344 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो पूरे दिन की आवश्यकता को पूरा करता है। इससे हड्डियां और दांत मजबूत रहते हैं तथा हड्डियों से संबंधित बीमारियां दूर रहती हैं। सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ‘झारखंड मडुआ क्रांति’ न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि राज्यवासियों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को भी ऊंचा उठाएगी।
