MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने श्रम सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिकों और उद्योगों (Workers And Industries) के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए 3 प्रमुख श्रम कानूनों में संशोधन की मंजूरी दे दी है। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की अध्यक्षता में पचमढ़ी (Pachmarhi) में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में श्रम सुधारों के अनुपालन, उद्योगों में प्रक्रियाओं के सरलीकरण और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए इन संशोधनों को हरी झंडी दिखाई गई। पढ़िए पूरी खबर…
श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह फैसला औद्योगिक शांति, छोटे उद्योगों पर कागज़ी कार्यवाही का बोझ कम करने और राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ये संशोधन आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाएंगे और विधिवत पारित कराए जाएंगे।

किन कानूनों में हुआ संशोधन?
ठेका श्रम (विनियमन और उन्मूलन) अधिनियम, 1970
इस अधिनियम के तहत अब ठेका श्रमिकों की संख्या की सीमा 20 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है। इसका उद्देश्य छोटे और मझोले उद्योगों को नियोजन में अधिक लचीलापन देना है।
कारखाना अधिनियम, 1948
शक्ति की सहायता से चलने वाले कारखानों में अब 10 की बजाय 20 श्रमिकों की उपस्थिति पर अधिनियम लागू होगा।
बिना शक्ति की सहायता से चलने वाले कारखानों के लिए यह सीमा 20 से बढ़ाकर 40 श्रमिकों की गई है।
इससे सूक्ष्म और लघु उद्योगों को कानूनी प्रक्रियाओं से कुछ राहत मिलेगी।
औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947
अब तक केवल लोक उपयोगी सेवाओं में हड़ताल या तालाबंदी से पहले नोटिस देना अनिवार्य था, लेकिन संशोधन के बाद सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए यह प्रावधान लागू किया जाएगा।
यह संशोधन औद्योगिक विवादों की रोकथाम और बेहतर संवाद व्यवस्था को बढ़ावा देगा।

अन्य फैसले
कैबिनेट बैठक में एग्रीटेक हब/इनोवेशन हब फॉर एग्रीकल्चर परियोजना को भी मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) को सहभागीदार नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य तकनीकी आधारित कृषि विकास और कृषि उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करना है।
श्रम मंत्री ने कहा कि यह कैबिनेट बैठक महान योद्धा राजा भभूत सिंह जी को समर्पित रही और इसे ऐतिहासिक निर्णयों की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में निवेश, रोजगार और श्रमिक संतुलन की दिशा में कारगर साबित होगा।
