MP News: मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती अब पूरी तरह ऑनलाइन की गई है।
MP News: मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (Anganwadi Workers) की भर्ती अब पूरी तरह ऑनलाइन की गई है। इस प्रकार राज्य देश का पहला ऐसा प्रदेश बन गया है जिसने ऑनलाइन प्रक्रिया (Online Process) के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती पूरी की। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने महिला बाल विकास विभाग के दो साल के कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पढ़िए पूरी खबर…
समीक्षा बैठक में क्या हुआ?
बैठक में कहा गया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन भर्ती (Online Recruitment) प्रक्रिया लागू की है। इसी तरह टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में भी मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान मिला, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। राज्य के आदिवासी बाहुल्य जिले झाबुआ में लागू ‘मोटी आई’ नवाचार को भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मॉडल के तहत बच्चों की बेहतर देखभाल, पौष्टिक आहार और आयुर्वेदिक मालिश जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे कुपोषण को कम किया जा रहा है।
उन्नत मॉनिटरिंग और डिजिटल पहल
महिला बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री जन मन भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक डिज़ाइन और मॉनिटरिंग मॉड्यूल विकसित किया, जिसे भारत सरकार ने विशेष सराहना दी है। बैठक में आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना भी सीएम मोहन यादव के सामने प्रस्तुत की गई।
शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों में नई व्यवस्था और शिक्षा में निवेश
प्रदेश के शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganwadi Centres) के लिए सेंट्रल किचन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे केंद्रों तक गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह व्यवस्था वर्ष 2026 तक लागू कर दी जाएगी। निपुण भारत कार्यक्रम के तहत शाला पूर्व शिक्षा में निवेश बढ़ाया जाएगा जिससे 2047 के विज़न को पूरा किया जा सके। लाडली बहना योजना का विस्तार कर छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी बढ़ाया जाएगा।

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आगामी तीन वर्षों में आंगनबाड़ी भवन निर्माण का मेगा प्लान
महिला बाल विकास विभाग ने अगले तीन वर्षों में 9,000 नए आंगनबाड़ी भवन बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा HEW (हेल्पलाइन एंटरप्राइज वर्कर्स) के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं, जो जेंडर समानता, सुरक्षा और कानूनी सहायता के क्षेत्र में व्यापक प्रभाव डाल रही हैं।
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महिला और बाल कल्याण में उपलब्धियां
समीक्षा में यह भी कहा गया कि प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना (PMMVY) के तहत 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई। लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 36,778 करोड़ रुपये का अंतरण किया गया। महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से 1.72 लाख महिलाओं को सहायता और 52,095 महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराई गई।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और अन्य पहलें
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 1.89 लाख पौधारोपण किए गए, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस दिए गए और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
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सीएम मोहन यादव का संकल्प
सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने बैठक में कहा कि महिला बाल विकास विभाग की इन पहलों से प्रदेश में बच्चों और महिलाओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने डिजिटल पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी और नवाचार के माध्यम से प्रदेश को सर्वाधिक सुगम्य और संवेदनशील राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।
