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Punjab News: पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ बनी लोगों के लिए सुरक्षा कवच

पंजाब
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Punjab News: विश्व हाइपरटेंशन दिवस के मौके पर पंजाब सरकार ने हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के खिलाफ अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया है। सरकार का फोकस बीमारी की रोकथाम, शुरुआती पहचान और कैशलेस इलाज पर है।

पंजाब सरकार का कहना है कि राज्य में तेजी से बढ़ रहे हाइपरटेंशन के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत किया गया है, ताकि लोगों को समय पर इलाज मिल सके।

क्यों खतरनाक है हाइपरटेंशन?

हाई ब्लड प्रेशर को डॉक्टर अक्सर “साइलेंट किलर” कहते हैं क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार भारत में गलत खानपान, तनाव, धूम्रपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खराब जीवनशैली के कारण हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ रहा है।

पंजाब सरकार की तीन बड़ी पहल

पंजाब सरकार ने हाइपरटेंशन से निपटने के लिए तीन स्तर पर काम किया है—

1. सीएम की योगशाला

राज्यभर में योग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए ‘सीएम की योगशाला’ चलाई जा रही है।

  • 10,600 से अधिक योग कक्षाएं
  • लगभग 3 लाख लोग जुड़े
  • तनाव कम करने और फिटनेस बढ़ाने पर जोर

सरकार का मानना है कि योग और नियमित दिनचर्या से हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

2. आम आदमी क्लीनिक

राज्य के 990 आम आदमी क्लीनिकों में 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार—

  • 1 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है
  • 24 लाख लोगों को उपचार के दायरे में लाया गया
  • मुफ्त दवाइयां और मासिक फॉलोअप की सुविधा दी जा रही है

इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना से मिल रहा कैशलेस इलाज

पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ हाइपरटेंशन और इससे जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी राहत दे रही है।

इस योजना के तहत—

  • स्ट्रोक
  • हार्ट डिजीज
  • किडनी संबंधी बीमारियां

जैसी गंभीर स्थितियों का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगे इलाज से राहत मिल रही है।

पंजाब में किस आयु वर्ग पर ज्यादा असर?

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार 40 से 80 वर्ष आयु वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है। हालांकि अब युवाओं और किशोरों में भी हाई ब्लड प्रेशर के मामले बढ़ रहे हैं।

गुरदासपुर में 94 वर्ष और एसएएस नगर में 98 वर्ष तक की आयु के मरीज दर्ज किए गए हैं।

पटियाला, एसएएस नगर, होशियारपुर, जालंधर और फरीदकोट जिलों में बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं।

डॉक्टरों ने दी चेतावनी

डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली हर आयु वर्ग के लिए नई स्वास्थ्य चुनौतियां लेकर आ रही है।

उनके अनुसार—

  • तनाव
  • जंक फूड
  • व्यायाम की कमी
  • अनियमित दिनचर्या

हाइपरटेंशन के मुख्य कारण बन रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अब स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और किडनी रोग जैसी जटिलताएं पहले की तुलना में तेजी से बढ़ रही हैं।

समय पर इलाज है सबसे जरूरी

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस योजना की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि समय पर इलाज सुनिश्चित करना है। पहले कई परिवार आर्थिक कारणों से मरीज को अस्पताल ले जाने में देरी कर देते थे, लेकिन अब कैशलेस सुविधा मिलने से लोग तुरंत उपचार करा पा रहे हैं।

सरकार का मानना है कि समय पर जांच, नियमित दवाइयां और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।