Vastu Tips: ग्रहों के दुष्प्रभाव से छुटकारा दिलाएगा ये खास पौधा, जानिए कब और कहां लगाएं
Vastu Tips: आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसके घर में खुशहाली और सकारात्मकता बनी रहे। लेकिन कई बार बिना किसी कारण के घर में तनाव, परेशानी और रुकावटें आने लगती हैं। ऐसा माना जाता है कि इसके पीछे ग्रहों का अशुभ प्रभाव हो सकता है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में नवग्रहों का विशेष महत्व बताया गया है। इन नौ ग्रहों में शनि, राहु और केतु को क्रूर और अशुभ ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है। जब इन ग्रहों का प्रभाव किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रतिकूल होता है, तो जीवन में अनेक समस्याएं, मानसिक तनाव (Mental Stress,), बीमारियां, आर्थिक संकट और पारिवारिक क्लेश उत्पन्न होते हैं। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में बताया गया है कि कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें घर के बाहर लगाने से इन बुरे प्रभावों को कम किया जा सकता है। इन्हीं में से एक अत्यंत सरल, प्राकृतिक और प्रभावशाली उपाय है घर के बाहर नीम का पौधा (Neem Tree) लगाना। आइए जानते हैं विस्तार से…

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शनि ग्रह और नीम का संबंध
हिंदू धर्म में शनि को न्याय का देवता माना गया है। शनि ग्रह व्यक्ति के जीवन में विलंब, संघर्ष और परीक्षा लाता है। जब शनि की साढ़ेसाती (Shani ki Saadhesati) या ढैय्या चल रही हो, तब व्यक्ति असमंजस, बीमारी, आर्थिक तंगी और सामाजिक कलह का शिकार हो सकता है। नीम का पौधा शनि की क्रूरता को शांत करने का काम करता है। नीम का प्रयोग औषधियों में होने के कारण यह स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, जो शनि से जुड़े रोगों जैसे गठिया, त्वचा रोग, जोड़ों का दर्द आदि को कम करता है।
मान्यता है कि शनिवार को नीम के नीचे दीपक जलाने और ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करने से शनि की शांति मानी जाती है।
राहु ग्रह और नीम का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार राहु एक छाया ग्रह है और इसका संबंध भ्रम, आकस्मिक घटनाओं, मानसिक अशांति और नकारात्मक विचारों से होता है। नीम की पत्तियां वातावरण की निगेटिव एनर्जी (Negative Energy) को सोखने की क्षमता रखती हैं। राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए नीम के पास प्रतिदिन कुछ समय बिताना लाभकारी होता है। नीम राहु के कारण उत्पन्न मनोवैज्ञानिक विकार जैसे चिंता, भय और भ्रम को दूर करता है।
केतु ग्रह और नीम का संबंध
मान्यता है कि केतु भी राहु की तरह एक छाया ग्रह है और यह आत्मा, वैराग्य और अप्रत्याशित हानियों से जुड़ा हुआ है। जब केतु अशुभ होता है, तो जीवन में आध्यात्मिक भटकाव, निराशा, परेशानी और बीमारी होती है। नीम के समीप ध्यान या साधना करने से केतु के प्रभाव से उपजे मानसिक विषाद में राहत मिलती है। नीम घर के वातावरण को शुद्ध करता है, जिससे मानसिक शांति आती है और केतु के प्रभाव से बचाव होता है।
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कहां लगाएं नीम का पौधा
नीम का पौधा घर के मेन गेट के पास, दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाना सबसे शुभ माना गया है।
शनिवार के दिन या अमावस्या तिथि को नीम का पौधा लगाना शुभ होता है।
नीम के पौधे के पास कच्चा दूध और जल अर्पित करना चाहिए। साथ ही शाम को सरसों का तेल का दीपक जलाएं और ॐ नमः भगवते वासुदेवाय या ॐ ह्रीं कें राहवे नमः मंत्र का जाप करें।
Disclaimer: यहां बताई गई सारी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसकी विषय सामग्री का ख़बरी मीडिया हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता है।
