Punjab

Punjab: धान सीजन से पहले मान सरकार का पावर प्लान तैयार, किसानों को रोज़ इतने घंटे मिलेगी बिजली

पंजाब राजनीति
Spread the love

मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा- थर्मल प्लांटों में भरपूर कोयला स्टॉक

Punjab News: पंजाब सरकार ने एक बार फिर किसानों (Farmers) के हित में बड़ा कदम उठाते हुए आगामी धान सीजन के लिए ठोस बिजली आपूर्ति (Power Supply) योजना तैयार कर ली है। बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ (Power Minister Harbhajan Singh ETO) ने कहा कि 1 जून से शुरू होने वाले धान सीजन (Paddy Season) में किसानों को प्रतिदिन कम से कम 8 घंटे निरंतर बिजली दी जाएगी। इसके लिए राज्य को 3 जोन में बांटा गया है, जिससे धान की बोआई चरणबद्ध तरीके से हो और बिजली आपूर्ति को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। पढ़िए पूरी खबर…

Pic Social Media

3 जोन में होगा धान की बोआई का आगाज

जोन-1: फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिलका में 1 जून से धान की बोआई शुरू होगी।

जोन-2: गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, मोहाली, होशियारपुर और फतेहगढ़ साहिब में 5 जून से शुरुआत होगी।

जोन-3: लुधियाना, मालेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, बरनाला, संगरूर, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में 9 जून से बोआई होगी।

हर क्षेत्र को फसल की आवश्यकताओं के अनुरूप आठ घंटे बिजली दी जाएगी, जिससे किसानों को सिंचाई में कोई परेशानी न हो।

Pic Social Media

थर्मल प्लांट फुल एक्टिव, कोयले का भरपूर भंडार

बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ (Minister Harbhajan Singh ETO) ने कहा कि प्रदेश के पांचों थर्मल प्लांट कार्यरत हैं और 15 यूनिट में से 14 यूनिट चालू अवस्था में हैं। गोइंदवाल थर्मल प्लांट की एक यूनिट की मेंटेनेंस चल रही है, जिसे जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 30 दिन से अधिक का कोयला स्टॉक भी तैयार है।

ये भी पढ़ेंः Punjab में शिक्षा क्रांति: आप सरकार के नेतृत्व में सरकारी स्कूलों के शानदार परिणाम- CM Mann

बिजली ट्रांसमिशन क्षमता में होगा इज़ाफ़ा

राज्य की वर्तमान ट्रांसमिशन कैपेसिटी 10,100 मेगावाट है, जिसे जून तक 10,500 मेगावाट किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों से की गई पावर बैंकिंग का उपयोग भी किया जाएगा।

17,000 मेगावाट डिमांड के लिए पूरे हैं इंतजाम

पिछले साल धान सीजन (Paddy Season) के दौरान अधिकतम बिजली डिमांड 16,059 मेगावाट रही थी। इस बार 17,000 मेगावाट तक डिमांड आने की संभावना है, जिसके लिए पंजाब सरकार ने पहले से ही सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं।

DSR तकनीक को भी मिल रहा बढ़ावा

बिजली की खपत को संतुलित रखने के लिए डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस (DSR) तकनीक को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कई जिलों में इस तकनीक से धान की बिजाई पहले ही शुरू हो चुकी है।

ये भी पढ़ेंः Drug free Punjab: पंजाब के मंत्रियों-विधायकों को सौंपी गई जिम्मेदारी, गांव-गांव निकलेगी नशा मुक्ति यात्रा

पंजाब सरकार की किसान हितैषी पहल

पंजाब सरकार (Punjab Government) की यह रणनीति न केवल किसानों को समय पर बिजली उपलब्ध कराने की गारंटी देती है, बल्कि पूरे धान सीजन के दौरान बिजली संकट से निपटने के लिए एक सशक्त मॉडल पेश करती है। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान हितों को सर्वोपरि रखते हुए धरातल पर प्रभावशाली नीतियां लागू कर रही है।