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Vastu Tips: यात्रा करने से पहले जाने लें कहीं दिशाशूल तो नहीं, वर्ना आ सकती है भारी मुसीबत

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Vastu Tips: दिशाशूल से जुड़ी ये बातें जान लीं तो टल सकती हैं यात्रा की बड़ी से बड़ी बाधा!

Vastu Tips: अगर आप कहीं बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार यह खबर जरूर पढ़ लें। पुराने समय से ही लोग यात्रा पर जाने से पहले दिन और दिशा का जरूर ध्यान रखते थे। इसे ही दिशाशूल (Dishaashool) कहा जाता है। मतलब कुछ खास दिनों में कुछ खास दिशाओं में यात्रा करना सही नहीं माना जाता है। माना जाता है कि इससे यात्रा में रुकावटें (Travel Disruptions), परेशानियां या काम में असफलता (Failure) मिल सकती है। आज के भागदौड़ भरे समय में लोग इन बातों पर बहुत ही कम ध्यान देते हैं, लेकिन अगर थोड़ी-सी सावधानी रखी जाए तो कई मुश्किलों से बचा जा सकता है। आज के इस खबर में हम आपको बताएंगे कि किस दिन कौन-सी दिशा में यात्रा से बचना चाहिए और अगर जाना बहुत जरूरी हो, तो आप क्या आसान उपाय कर सकते हैं।

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ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में दिन विशेष में किस दिशा की यात्रा वर्जित है उसे बताया गया है। दिशाशूल का मतलब है दिशा यानि यात्रा की दिशा और शूल यानि कि बाधा, कहने का अर्थ ये है कि विशेष दिन पर विशेष दिशा की यात्रा बाधित होती है और उस दिन उस बाधित दिशा में यात्रा का फल अशुभ होता है। हिंदू धर्म में यात्रा संबंधी विकार देखने बाद ही यात्रा करने का नियम बताया गया है।

यात्रा के लिए दिशा शूल के नियम

सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा शुभ नहीं मानी जाती है।

रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।

मंगल और बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा दिशाशूल मानी जाती है।

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गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए, ऐसी मान्यता है।

सोमवार और गुरुवार को दक्षिण पूर्व दिशा में यात्रा निषेध माना गया है।

रविवार और शुक्रवार को दक्षिण पश्चिम दिशा में दिशाशूल माना जाता है।

मंगलवार को उत्तर पश्चिम दिशा में दिशाशूल माना जाता है।

बुधवार और शनिवार को उत्तर पूर्व दिशा में दिशाशूल माना जाता है।

दिशा शूल निवारण के उपाय भी जान लीजिए

अगर बहुत ही जरूरी है या कोई आपातकालीन यात्रा (Emergency Travel) करनी पड़ रही है, तो आप यह उपाय कर सकते हैं जिससे दिशाशूल की बाधा कम हो जाती है।

रविवार को दलिया घी शक्कर खाकर निकाल सकते हैं।
सोमवार को पहले दर्पण देखें और फिर दूध पीकर यात्रा के लिए निकलें।
मंगलवार को गुड़ खाकर और पानी पीकर निकलें।
बुधवार को धनिया या तिल खाकर निकलना शुभ होगा।
गुरुवार को दही खाकर निकलने से दिशाशूल कम हो जाता है।
शुक्रवार को जौ खाकर आप निकल सकते हैं।
शनिवार को उड़द या अदरक खाकर यात्रा पर जा सकते हैं।

आपको बता दें कि अगर किसी यात्रा में उसी दिन आपको इस स्थान पर लौटकर वापस आना है तो उसे स्थिति में दिशाशूल नहीं माना जाता।

Disclaimer: यहां बताई गई सारी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसकी विषय सामग्री का ख़बरी मीडिया हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता है।