Uttarakhand News: उत्तराखण्ड को साहसिक खेलों और खेल पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने और अन्य जरूरी तैयारियों की समीक्षा की।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों सभी व्यवस्थाएं
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय सीमा के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरी की जाएं।
उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों और अन्य प्रतिनिधियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने खुद लिया वाटर स्पोर्ट्स का अनुभव
गदरपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेलों और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए बेहद अनुकूल हैं। राज्य में साहसिक खेलों के विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार निवेश और सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
खेलों में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करती हैं।
खेलों के साथ पर्यटन और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी नई गति देते हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटक उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक गतिविधियों से जुड़ेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
युवाओं को खेलों से जोड़ने की मुहिम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांव और कस्बों तक खेल संस्कृति को पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ सकें।
स्वच्छता, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन जैसी सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तराखण्ड की कार्य संस्कृति, आतिथ्य और आयोजन क्षमता का उदाहरण बनना चाहिए।
उत्तराखण्ड को मिलेगी नई पहचान
राज्य सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता जैसे आयोजन उत्तराखण्ड को एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजन प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ उत्तराखण्ड को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेंगे।
