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UP News: माफिया की छवि से विकास मॉडल तक: कैसे बदला आजमगढ़ का चेहरा?

उत्तरप्रदेश
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UP News: एक समय ऐसा था जब आजमगढ़ का नाम आते ही लोगों के मन में अपराध, माफिया और पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह तस्वीर तेजी से बदली है। अब आजमगढ़ की पहचान विकास परियोजनाओं, शिक्षा संस्थानों, एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुके ब्लैक पॉटरी उद्योग से जुड़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जिले में करीब एक हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर इस बदलाव को और गति देने का संदेश दिया।

विकास की मुख्यधारा में आया आजमगढ़

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि आजमगढ़ में विकास को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि जनहित के आधार पर आगे बढ़ाया गया। यही वजह है कि जिले में बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग एक हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले के विकास को नई दिशा दी है।

अपराध की पहचान से निकलकर बना विकास का केंद्र

एक दशक पहले तक आजमगढ़ को अपराध और माफिया गतिविधियों के लिए जाना जाता था। कानून व्यवस्था की चुनौतियों के कारण निवेश और रोजगार के अवसर भी सीमित थे।

सरकार का कहना है कि अपराधियों और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद जिले में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ, जिससे विकास परियोजनाओं और निवेश के लिए रास्ते खुले।

ब्लैक पॉटरी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

आजमगढ़ के निजामाबाद की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला कभी अस्तित्व के संकट से जूझ रही थी। कारीगर रोजगार की तलाश में महानगरों का रुख करने को मजबूर थे।

लेकिन “एक जिला, एक उत्पाद” (ODOP) योजना ने इस पारंपरिक कला को नई पहचान दी। आज ब्लैक पॉटरी की मांग देश ही नहीं बल्कि सिंगापुर, सऊदी अरब समेत कई देशों तक पहुंच चुकी है। कारीगरों का कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंच रहा है और हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट से बदली तस्वीर

आजमगढ़ में लंबे समय तक विश्वविद्यालय जैसी उच्च शिक्षा सुविधाओं का अभाव था। अब महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय छात्रों को स्थानीय स्तर पर बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहा है।

इसके अलावा:

  • मेडिकल कॉलेज
  • एयरपोर्ट
  • सैनिक स्कूल
  • संगीत महाविद्यालय
  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

जैसी परियोजनाओं ने जिले की पहचान बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

निवेश और रोजगार के नए अवसर

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद आजमगढ़ की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हुआ है। इससे औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिला है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में सैकड़ों निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनसे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

महिलाओं और युवाओं को मिला नया मंच

सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ महिलाओं और युवाओं तक भी पहुंच रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

संस्कृति और विरासत को भी मिला सम्मान

आजमगढ़ केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत कर रहा है। हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय की स्थापना के जरिए क्षेत्र की समृद्ध शास्त्रीय संगीत परंपरा को नया मंच मिला है।

सरकार का मानना है कि विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर चलने से जिले की पहचान और मजबूत होगी।

बदलते आजमगढ़ की नई कहानी

आजमगढ़ का उदाहरण बताता है कि बेहतर कानून व्यवस्था, आधारभूत ढांचे का विकास, निवेश को प्रोत्साहन और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देकर किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।

कभी अपराध और पिछड़ेपन के लिए चर्चा में रहने वाला यह जिला अब शिक्षा, उद्योग, संस्कृति, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों के साथ विकास की नई कहानी लिखता दिखाई दे रहा है।