Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर 29 किलोमीटर लंबा नया चार लेन एक्सप्रेसवे विकसित करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। यह नया कॉरिडोर मौजूदा एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव कम करेगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा।
75 सोसायटियों और 25 सेक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा की लगभग 75 हाउसिंग सोसायटियों, 25 सेक्टरों और करीब 20 गांवों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। अनुमान है कि इस परियोजना से लगभग पांच लाख से अधिक लोगों की दैनिक आवाजाही आसान होगी।
यमुना-हरनंदी दोआब से होकर गुजरेगा नया मार्ग
नई सड़क यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र से होकर गुजरेगी और मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का वैकल्पिक मार्ग बनेगी। इसका उद्देश्य पीक ऑवर में लगने वाले लंबे जाम को कम करना और यात्रियों को तेज एवं सुगम सफर उपलब्ध कराना है।
तेजी से बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए लिया गया फैसला
पिछले कुछ वर्षों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक विकास हुआ है। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नए औद्योगिक क्षेत्रों और बढ़ती आबादी के कारण मौजूदा एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए समानांतर एक्सप्रेसवे विकसित करने की योजना को गति दी गई है।
बेहतर कनेक्टिविटी के साथ घटेगा सफर का समय
नई परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे ट्रैफिक का बेहतर वितरण होगा। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच यात्रा अधिक सुगम होगी तथा भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि नया समानांतर एक्सप्रेसवे केवल ट्रैफिक समाधान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके आसपास नए आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
