Uttarakhand

Uttarakhand: CM धामी का बड़ा फैसला, अब उत्तराखंड निवास में रुक सकेंगे आम लोग भी

उत्तराखंड
Spread the love

Uttarakhand: CM धामी ने जारी किया शासनादेश संशोधित करने का निर्देश

Uttarakhand News: उत्तराखंड के लोगों के लिए बड़ी और अच्छी खबर सामने आ रही है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने निर्देश जारी किया है कि नई दिल्ली में नवनिर्मित उत्तराखंड निवास (Uttarakhand Niwas) आम जन के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ( Pushkar Singh Dhami) ने कहा कि उत्तराखंड निवास में कक्ष आरक्षण (Room Reservations) के लिए जारी शासनादेश को तत्काल संशोधित किया जाए और उत्तराखंड के आम जन को भी उपलब्धता के आधार पर वहां कक्ष मिल सके ऐसी व्यवस्था की जाएगी। सीएम धामी ने दरों का भी पुनर्निर्धारण करने के निर्देश दिए है।
ये भी पढ़ेंः Uttarakhand: CM धामी ने अनाथ बच्चों के लिए भेजा जरूरी सामान, दिया हर संभव मदद का भरोसा

Pic Social Media

शासनादेश जारी करते हुए सीएम धामी (CM Dhami) ने संशोधित करने के निर्देश दिए। शासनादेश के अनुसार दिल्ली में बनाए गए नए उत्तराखंड निवास में केवल नेता और बड़े अधिकारी को ही ठहरने की सुविधा दिए जाने की बात कही गई थी। अन्य लोगों के लिए यहां प्रवेश नहीं रहेगा। उत्तराखंड संपत्ति विभाग ने इसके लिए रेट लिस्ट और ठहरने के पात्र लोगों की लिस्ट जारी कर दी थी।

ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25

उत्तराखंड निवास में राज्यपाल, सीएम, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश, सांसद, विधायक, दायित्वधारी, पूर्व सीएम, एडवोकेट जनरल, राष्ट्रीय या राज्य स्तर का दर्जा प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष, विभिन्न संवैधानिक आयोगों के अध्यक्ष, मेयर, जिलापंचायत अध्यक्ष, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, प्रमुख वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक, राज्य के मुख्य स्थायी अधिवक्ता, 13-ए ग्रेड लेवल या उच्च वेतन के अधिकारियों के ही रुकने की सुविधा दी जानी थी।

ये भी पढ़ेंः Uttarakhand: CM धामी ने विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बांग्लादेश हिंसा पर कह दी बड़ी बात

अपर सचिवों से लेकर आम आदमी तक के लिए यहां रुकने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसको संज्ञान में लेते हुए सीएम धामी तत्काल इसे संशोधित करने के निर्देश दिए। यहां उत्तराखंड शासन या सरकारी विभागों की बैठक फ्री में कराई जा सकेगी। निगमों या समितियों को बैठक के लिए 15,000 रुपये प्रतिदिन प्रति कार्यक्रम देने होंगे। अन्य को 35,000 रुपये प्रति कार्यक्रम देने होंगे।