UP News: कुपोषण के खिलाफ यूपी की बड़ी सफलता, 1.56 करोड़ लोगों तक पहुंच रहा पौष्टिक आहार

उत्तरप्रदेश
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UP News: लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कुपोषण के खिलाफ अपनी लड़ाई में देश के लिए एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की संयुक्त पहल से संचालित टेक होम राशन (टीएचआर) योजना माताओं और बच्चों के पोषण को नई मजबूती दे रही है। पोषण, तकनीक, पारदर्शिता और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने वाली यह व्यवस्था आज राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर रही है।

प्रदेश सरकार ने भारत सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 गाइडलाइन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2023 के अनुरूप रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस नई प्रणाली को बड़े स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया है।

हर महीने 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा पोषण

वर्तमान समय में प्रदेश के लगभग 1.56 करोड़ लाभार्थियों को हर महीने पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें छह माह से छह वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और अतिकुपोषित बच्चे शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक भी गुणवत्तापूर्ण पोषण समय पर पहुंचे।

स्वास्थ्य संकेतकों में दिख रहा सकारात्मक बदलाव

योगी सरकार की इस पहल का असर स्वास्थ्य के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के अनुसार वर्ष 2015-16 की तुलना में 2019-21 के दौरान प्रदेश में बच्चों में स्टंटिंग यानी नाटेपन की दर 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा अल्पवजन और दुबलापन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि पोषण से जुड़ी योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं।

बच्चों और माताओं के लिए तैयार हो रहे विशेष पोषण उत्पाद

योजना के तहत अलग-अलग आयु वर्ग और जरूरतों के अनुसार विशेष पोषण उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर और संपूर्ण मातृ आहार जैसे उत्पाद बच्चों और महिलाओं को संतुलित पोषण प्रदान कर रहे हैं। वहीं अतिकुपोषित बच्चों के लिए आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसे ऊर्जा युक्त विशेष उत्पाद भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही

प्रदेश सरकार ने पूरी वितरण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ दिया है। जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली के जरिए हर पैकेट की निगरानी की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पोषण सामग्री सही समय पर और सही लाभार्थी तक पहुंचे। इस व्यवस्था ने वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है।

महिला सशक्तीकरण को भी मिला बढ़ावा

टेक होम राशन योजना केवल पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण का भी मजबूत माध्यम बनी है। योजना के तहत उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। वर्तमान में 4000 से अधिक महिलाएं इन उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।

उत्तर प्रदेश की यह पहल आज कुपोषण उन्मूलन, तकनीकी पारदर्शिता और महिला सशक्तीकरण का सफल मॉडल बनकर सामने आई है, जिससे लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।