UP News: लखनऊ, 18 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी शिक्षा को अधिक दक्षता आधारित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए नई कार्ययोजना लागू करने की घोषणा की है। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत बालवाटिका से कक्षा-5 तक के विद्यार्थियों के लिए सीखने के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही नियमित मूल्यांकन, लर्निंग गैप की पहचान, सुधारात्मक शिक्षण और शिक्षक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कक्षा-3 से 5 तक विषयवार सीखने के लक्ष्य तय होंगे
सरकार के मुताबिक, नई कार्ययोजना के तहत कक्षा-3 से 5 तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन के लिए विषयवार एवं कक्षावार सीखने के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इन लक्ष्यों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF), एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों और परख (PARAKH) के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इस प्रक्रिया में एससीईआरटी, डायट, विषय विशेषज्ञों और शिक्षकों की भागीदारी होगी।
हर विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का होगा नियमित आकलन
कार्ययोजना के अनुसार, विद्यालयों में विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। फॉर्मेटिव असेसमेंट और अन्य शैक्षणिक आकलनों के माध्यम से लर्निंग गैप की पहचान कर जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता और कैच-अप शिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षक प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर विशेष जोर
सरकार ने योजना में शिक्षकों के क्षमता संवर्धन को प्रमुख स्थान दिया है। गतिविधि आधारित शिक्षण, दक्षता आधारित शिक्षा, शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM), डिजिटल संसाधनों और दीक्षा (DIKSHA) प्लेटफॉर्म के माध्यम से चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, निपुण संकल्प कार्यशालाओं के जरिए शिक्षकों को नई शिक्षण प्रणाली के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्कूल रेडीनेस और प्रभावी मॉनिटरिंग की व्यवस्था
नई कार्ययोजना में बालवाटिका स्तर पर स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम को मजबूत करने, विद्यालय पुस्तकालयों के उपयोग को बढ़ावा देने, पढ़ने की संस्कृति विकसित करने और अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य, जिला, विकासखंड और विद्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा की व्यवस्था भी की जाएगी।
सभी जिलों को जारी किए गए क्रियान्वयन के निर्देश
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को नई कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। सरकार का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधारभूत शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने और विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
