UP News: उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन ने प्रदेशभर में निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई तेज कर दी है।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी
प्रदेश में प्रवर्तन टीमों ने अलग-अलग जिलों में कुल 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। इस दौरान गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी से जुड़े मामलों में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान 24 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें एलपीजी वितरकों के खिलाफ 4 और अन्य लोगों के खिलाफ 20 एफआईआर शामिल हैं। इसके अलावा मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 19 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।
उपभोक्ताओं को समय पर मिल रही गैस
सरकार ने बताया कि प्रदेश में 4108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।
वितरकों के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जरूरत के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे आम लोगों को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
वाणिज्यिक सिलेंडरों की भी व्यवस्था
होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए भी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। भारत सरकार ने वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के लिए कुल खपत का 20 प्रतिशत तक आवंटन करने की अनुमति दी है।
इससे व्यापारिक गतिविधियों पर किसी प्रकार का असर न पड़े और गैस की उपलब्धता बनी रहे।
24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर नजर रखने के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम खाद्यायुक्त कार्यालय में काम कर रहा है।
इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां अधिकारी लगातार आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
फील्ड में सक्रिय प्रशासन
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लें। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर रहे हैं।
सरकार का कहना है कि प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इससे आम नागरिकों को जरूरी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
