Punjab News: पंजाब सरकार राज्य में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ‘रंगला पंजाब विकास स्कीम’ की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करना होगा। इसके लिए जवाबदेही भी तय की जाएगी।
दूसरे चरण के कार्यों के लिए तय हुई समय-सीमा
पंजाब भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि दूसरे चरण के तहत स्वीकृत विकास कार्य 10 जून तक शुरू कर दिए जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी कार्यों को हर हाल में 31 जुलाई तक पूरा करना होगा। सरकार का उद्देश्य है कि विकास योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे और किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।
तीसरे चरण के प्रस्तावों को लेकर सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने तीसरे चरण की योजनाओं के प्रस्तावों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित क्षेत्रों को अगले दो दिनों के भीतर अपने प्रस्ताव जमा करने होंगे। यदि निर्धारित समय के भीतर प्रस्ताव जमा नहीं किए गए तो संबंधित क्षेत्रों की विकास फंडिंग रोक दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी उचित कारण के होने वाली देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी।
बारिश के मौसम को ध्यान में रखकर बनाएं योजना
हरपाल सिंह चीमा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण किसी भी आधारभूत ढांचा परियोजना में रुकावट या देरी नहीं आनी चाहिए। इसके लिए पहले से रणनीति बनाकर काम किया जाए ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
बिलों में देरी करने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने भी प्रशासनिक अनुशासन पर जोर दिया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुके कार्यों से जुड़े सभी वित्तीय बिल समय पर जमा करवाए जाएं। मुख्य सचिव ने चेतावनी दी कि यदि किसी कार्यकारी एजेंसी की लापरवाही के कारण देरी होती है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष फोकस
अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ ने पहले से पूर्ण हो चुके कार्यों के लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र यानी यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट तुरंत जमा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भविष्य में भी ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे सभी उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर जमा होते रहें। इससे विकास योजनाओं के लिए फंड का प्रवाह लगातार बना रहेगा और परियोजनाओं के संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी।
जवाबदेही और समयबद्ध विकास पर सरकार का फोकस
पंजाब सरकार का स्पष्ट संदेश है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सबसे महत्वपूर्ण हैं। रंगला पंजाब विकास स्कीम के माध्यम से राज्य में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और विकास परियोजनाओं को तय समय में पूरा कर जनता को उनका लाभ पहुंचाएं। इससे राज्य के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।

