UP News: उत्तर प्रदेश में खेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम तेजी से आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का काम शुरू होने के कुछ ही दिनों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। लगभग 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह विश्वस्तरीय स्टेडियम पूर्वांचल के खेल परिदृश्य को नई पहचान देने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल यह स्टेडियम आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करने में सक्षम होगा।
तेजी से आगे बढ़ रहा निर्माण कार्य
16 मई 2026 को भूमिपूजन और शिलान्यास के बाद से निर्माण कार्य लगातार गति पकड़ रहा है। परियोजना स्थल पर मिट्टी भराई का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि पाइलिंग का कार्य तेजी से जारी है।
खेल विभाग के अनुसार स्टेडियम का लगभग 6.73 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है।
सरकार ने इस परियोजना को 23 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
46 एकड़ में बनेगा आधुनिक क्रिकेट कॉम्प्लेक्स
गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम लगभग 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसकी दर्शक क्षमता 30 हजार होगी, जिससे यह पूर्वांचल के सबसे बड़े खेल परिसरों में शामिल हो जाएगा।
स्टेडियम को आधुनिक वास्तुकला और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि यहां बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट और अन्य खेल आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित किए जा सकें।
खिलाड़ियों और दर्शकों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
स्टेडियम का निर्माण ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर किया जा रहा है। यहां खिलाड़ियों, कोचों, अधिकारियों और दर्शकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्य मैदान में:
- 7 अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्लेइंग पिच
- 4 आधुनिक प्रैक्टिस पिच
- खिलाड़ियों के लिए उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं
- दर्शकों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था
उपलब्ध होगी।
रात में भी होंगे मुकाबले
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानकों को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में चार हाई मास्ट फ्लड लाइट्स लगाई जाएंगी।
इन फ्लडलाइट्स की मदद से दिन और रात दोनों समय क्रिकेट मैच आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भविष्य में आईपीएल, घरेलू टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कर रही हैं फंडिंग
परियोजना के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर दी गई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने CSR फंड के तहत 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने पर सहमति दी है, जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है।
सरकार ने परियोजना की पहली किस्त के रूप में 63.39 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत कर दी है।
पूर्वांचल के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
गोरखपुर और आसपास के जिलों के युवा खिलाड़ियों को अब बेहतर खेल सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस स्टेडियम के निर्माण से:
- स्थानीय खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।
- राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अवसर बढ़ेंगे।
- अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी संभव होगी।
- खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिलेगा।
क्रिकेट हब बनने की ओर उत्तर प्रदेश
खेल सचिव सुहास एल.वाई. ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख क्रिकेट हब के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि:
- वाराणसी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अंतिम चरण में है।
- अयोध्या का स्टेडियम तैयार हो चुका है।
- लखनऊ का इकाना स्टेडियम पहले से आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी कर रहा है।
- गोरखपुर का स्टेडियम पूर्वांचल को नई पहचान देगा।
गोरखपुर को मिलेगी नई खेल पहचान
अब तक गोरखपुर की पहचान मुख्य रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में रही है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के बाद शहर को खेल पर्यटन और खेल गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में भी नई पहचान मिलेगी।
यह परियोजना न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी सौगात साबित होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगी।
