Traffic Alert: देश के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है। हिमाचल प्रदेश के मनाली से लेकर उत्तराखंड के नैनीताल, कैंचीधाम और चारधाम यात्रा मार्गों तक लोगों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। ठंडे मौसम और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। हालांकि बढ़ती भीड़ के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी और अन्य व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है।
रोहतांग दर्रे में बर्फ देखने उमड़ रहे पर्यटक
मनाली के पास स्थित रोहतांग दर्रा इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह क्षेत्र मई के अंतिम दिनों में भी बर्फ से ढका हुआ है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण मनाली-रोहतांग मार्ग पर हालात चुनौतीपूर्ण बन गए हैं।
शनिवार को इस मार्ग पर करीब पांच किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति ऐसी रही कि सुबह छह बजे मनाली से निकले कई पर्यटक दोपहर एक से दो बजे के बीच रोहतांग पहुंच सके। सामान्य रूप से लगभग 50 किलोमीटर का यह सफर जहां कुछ घंटों में पूरा हो जाता है, वहीं इन दिनों लोगों को सात से आठ घंटे तक का समय लग रहा है।
पर्यटकों का कहना है कि उन्हें कई घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि मढ़ी से ग्रामफू के बीच पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। उनका सुझाव है कि पार्किंग, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार कर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नैनीताल में हाउसफुल होटल और लंबी कतारें
उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में भी पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वीकेंड के दौरान माल रोड, स्नो व्यू, चिड़ियाघर, केव गार्डन और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर लोगों की भीड़ बनी रही। नैनी झील में नौकायन का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
सुबह से लेकर देर शाम तक लोग झील में बोटिंग करते नजर आ रहे हैं। ठंडी हवाएं और सुहावना मौसम पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहा है। इसका सीधा लाभ स्थानीय पर्यटन उद्योग को मिल रहा है। होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे लगभग पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायियों का कहना है कि लंबे समय बाद कारोबार में इतनी रौनक देखने को मिल रही है।
हालांकि बढ़ती भीड़ के कारण नैनीताल में भी ट्रैफिक की समस्या गंभीर हो गई है। माल रोड, भवाली रोड, कालाढूंगी रोड और शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
कैंचीधाम में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
बाबा नीम करौली महाराज के प्रसिद्ध कैंचीधाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
आने वाले दिनों में कैंचीधाम स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है।
चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड भीड़, जोशीमठ में लंबा जाम
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस समय अपने चरम पर है। बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही पर्यटक औली, नीति-माणा घाटी और अन्य पर्यटन स्थलों की ओर भी जा रहे हैं।
सबसे अधिक दबाव जोशीमठ क्षेत्र पर देखा जा रहा है। मारवाड़ी से गोविंदघाट और जोशीमठ से सेलंग तक कई स्थानों पर 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें सड़कों पर दिखाई दे रही हैं। प्रशासन ने वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया है, लेकिन भारी भीड़ के कारण यह व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो रही है। कई यात्रियों को दो से तीन घंटे तक गेट खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है।
बारिश और बर्फबारी के बीच भी जारी है आस्था
चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। बद्रीनाथ धाम में अब तक 7.25 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि चारधाम यात्रा में कुल यात्रियों की संख्या 24 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।
हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर यात्रियों को सुरक्षित रास्ता पार कराने के लिए सहायता दी जा रही है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं।
पर्यटन उद्योग को मिल रहा बड़ा लाभ
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या का सबसे बड़ा फायदा पर्यटन उद्योग को मिल रहा है। होटल, होमस्टे, टैक्सी सेवाएं, रेस्टोरेंट, स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारियों के कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जोशीमठ होटल एसोसिएशन के अनुसार अधिकांश होटल पूरी तरह बुक चल रहे हैं।
हालांकि कई पर्यटक ट्रैफिक जाम के कारण समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, फिर भी पर्यटन कारोबार अपने चरम पर बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो जून महीने में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्रशासन के सामने बढ़ी नई चुनौतियां
बढ़ती पर्यटक और श्रद्धालु संख्या के साथ प्रशासन के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में स्थायी पार्किंग, बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना होगा, ताकि पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
